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Hathipaon Disease Symptoms: इन दिनों हाथी पांव की बीमारी बहुत देखने को मिल रही है. इस दौरान पैर हाथी की तरह मोटा हो जाता है जिसे मेडिकल भाषा में फाइलेरिया या लिम्फेटिक फाइलेरियासिस भी कहा जाता है. यह एक गंभीर बीमारी है, जिसकी पहचान वक्त पर करनी चाहिए. शुरुआत में लोग इसे सामान्य सूजन समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन समय पर इलाज न मिलने पर यह समस्या गंभीर रूप ले सकती है.
कैसे होती है हाथी पांव की बीमारी?

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यह बीमारी दिखने में खतरनाक है, लेकिन इसके होने का कारण सिर्फ एक मच्छर है. जब कोई संक्रमित मच्छर इंसान को काटता है तो इसके शरीर के कुछ हिस्सों में सूजन आना शुरू हो जाती है. इस दौरान शरीर में फाइलेरिया परजीवी प्रवेश कर जाते हैं और सूजन को हाथी जितना बना देते हैं.
किन हिस्सों में आ सकती है सूजन?

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यह बीमारी सबसे ज्यादा पैरों को प्रभावित करती है. इस दौरान एक या दोनों पैरों में लगातार सूजन रहने लगती है और धीरे-धीरे मोटा होने लगता है. एक वक्त के बाद पैर जरूरत से ज्यादा मोटा होने लगता है.
हाथों में भारीपन होना

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पैरों के साथ-साथ इंसान के हाथ भी प्राभावित होते हैं. कुछ लोगों के हाथों में भी सूजन और दर्द महसूस हो सकता है. साथ ही, हाथों की स्किन काफी सख्त होने लगती है.
पुरुषों में अंडकोष की सूजन

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फाइलेरिया की वजह से पुरुषों में अंडकोष के आसपास सूजन आ सकती है, जिसे हाइड्रोसील कहा जाता है. अगर आपको ऐसा कहीं भी महसूस हो तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज ना करें.
महिलाओं में स्तनों में सूजन

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इस बीमारी में महिलाओं के स्तन भी सूज जाते हैं. कुछ मामलों में महिलाओं के स्तनों में भी सूजन या भारीपन महसूस हो सकता है. अगर आपको स्तन की बनावट में भी कुछ बदलाव नजर आ रहा है तो डॉक्टर से बात करें.
हाथी पांव बीमारी के शुरुआती लक्षण

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इस बीमारी में बार-बार बुखार आना शुरू हो जाता है. दर्द और कमजोरी होने लगती है. हाथ या पैर में हल्की सूजन के साथ स्किन मोटी हो जाती है. अगर आपको यह लक्षण नजर आएं तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं.
क्या यह बीमारी पूरी तरह ठीक हो सकती है?

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अगर शुरुआती स्टेज में इसका पता चल जाए तो दवाओं और सही इलाज से इसे कंट्रोल किया जा सकता है. वहीं, अगर लंबे समय तक नजरअंदाज करने पर सूजन स्थायी हो सकती है.