अक्सर लोगों को इस बात की जानकारी नहीं होती है कि कुछ बीमारियों की स्थिति में शरीर जरूर ज्यादा पसीना निकालने लगता है. कई लोग इन्हें गर्मी समझकर नजरअंदाज कर देते है. आइए जानते हैं इस समस्या के बारे में.
क्या ज्यादा पसीना आना बीमारी का संकेत है?

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कई लोग ज्यादा पसीना आने को सामान्य गर्मी या मौसम का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन अगर बिना मेहनत या बिना गर्मी के भी पसीना आता है, तो यह किसी स्वास्थ्य समस्या का शुरुआती संकेत हो सकता है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.
हाइपरहाइड्रोसिस क्या है?

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सामान्य जानकारी के अनुसार जरूरत से ज्यादा पसीना आने की स्थिति को हाइपरहाइड्रोसिस कहा जाता है. इसमें व्यक्ति को सामान्य स्थिति में भी बहुत ज्यादा पसीना आता है, जिससे कपड़े भीग जाते हैं और हाथ-पैर लगातार गीले रहते हैं.
रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है असर

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ज्यादा पसीना सिर्फ शारीरिक समस्या नहीं बल्कि मानसिक परेशानी भी बन सकता है. इससे कई लोगों को पब्लिक में जाने में झिझक होती है, आत्मविश्वास कम होता है और कई बार सामाजिक चिंता भी बढ़ने लगती है.
ज्यादा पसीना आने के कारण क्या हैं?

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यह समस्या हार्मोन बदलाव, तनाव, मोटापा, डायबिटीज, थायरॉइड या कुछ दवाओं के कारण भी हो सकती है. इसलिए अगर समस्या लंबे समय तक बनी रहे तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी माना जाता है.
इसका इलाज कैसे किया जाता है?

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इलाज आमतौर पर एंटी-स्वेट लोशन या मेडिकेटेड क्रीम से शुरू किया जाता है. लेकिन जरूरी है कि आप डॉक्टर से सलाह लें, वह दवाएं, इंजेक्शन थेरेपी या अन्य मेडिकल ट्रीटमेंट भी दे सकते हैं ताकि पसीने की समस्या को काबू किया जा सके.
पसीना आना कैसा है?

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विशेषज्ञों का कहना है कि सामान्य मात्रा में पसीना आना शरीर के लिए जरूरी होता है. इससे शरीर का तापमान कंट्रोल रहता है और कुछ हानिकारक तत्व शरीर से बाहर निकलने में भी मदद मिलती है.
स्किन और शरीर के लिए भी फायदेमंद

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व्यायाम या योग के दौरान आने वाला पसीना ब्लड सर्कुलेशन बेहतर करता है. इससे त्वचा के पोर्स खुलते हैं, ऑक्सीजन सप्लाई बढ़ती है और स्किन ज्यादा साफ, नमीयुक्त और हेल्दी दिखाई देने लगती है. (Image: Pexels)