बवासीर (Piles) क्यों होता है? ये हैं 5 बड़ी वजहें
बवासीर (Piles) एक ऐसी समस्या है जिसके बारे में लोग बात करने से कतराते हैं, लेकिन यह आज की भागदौड़ भरी जिंदगी की एक कड़वी सच्चाई बन चुकी है. खराब लाइफस्टाइल और खान-पान की गलत आदतें इसके पीछे के सबसे बड़े विलेन हैं.

कब्ज (Constipation) है सबसे बड़ा गुनहगार
2 / 7बवासीर होने की सबसे बड़ी वजह लंबे समय तक रहने वाली कब्ज है. जब पेट साफ नहीं होता, तो मल त्याग (Bowel movement) के समय मलाशय की नसों पर अत्यधिक दबाव पड़ता है, जिससे वे फूल जाती हैं और बवासीर का रूप ले लेती हैं.
लो-फाइबर डाइट
3 / 7अगर आपके खाने में फाइबर (Fiber) की कमी है, तो मल सख्त हो जाता है. मैदा, फास्ट फूड और प्रोसेस्ड खाने का ज्यादा सेवन पेट की दुश्मन है. फाइबर युक्त फल, सब्जियां और साबुत अनाज की कमी सीधे तौर पर पाइल्स को दावत देती है.
टॉयलेट सीट पर लंबा समय - मोबाइल का मोह!
4 / 7क्या आप भी टॉयलेट में मोबाइल लेकर जाते हैं? टॉयलेट सीट पर ज्यादा देर तक बैठे रहने से एनस (Anus) की नसों पर लगातार दबाव बना रहता है. मॉडर्न लाइफस्टाइल की यह आदत बवासीर के खतरों को कई गुना बढ़ा देती है.
फिजिकल एक्टिविटी की कमी - घंटों एक जगह बैठना
5 / 7जो लोग दिन भर डेस्क जॉब करते हैं या घंटों तक एक ही जगह बैठे रहते हैं, उनके निचले हिस्से की ब्लड वेसल्स पर दबाव बढ़ जाता है. व्यायाम न करने और आलसी जीवनशैली के कारण ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है, जो पाइल्स का कारण बनता है.
प्रेगनेंसी और बढ़ता वजन - भारीपन का असर
6 / 7गर्भावस्था के दौरान गर्भाशय का दबाव नसों पर पड़ता है, जिससे कई महिलाओं को बवासीर की समस्या हो जाती है. ठीक इसी तरह, मोटापे (Obesity) के कारण शरीर का अतिरिक्त भार पेल्विक एरिया की नसों पर दबाव डालता है, जो बवासीर पैदा कर सकता है.
बचाव का छोटा सा मंत्र:
7 / 7खूब पानी पिएं. दिन में कम से कम 8-10 गिलास पानी का सेवन जरूर करें. खाने में फाइबर बढ़ाएं जैसे कि सलाद और चोकर वाला आटा खाएं. इसके अलावा एक्टिव रहें. रोजाना 30 मिनट वॉक करें.
