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Is Good To Sleep While Sitting Up: नींद पूरी ना होने की वजह से कई बार इंसान बैठे-बैठे सो जाता है, लेकिन अगर ऐसा हर रोज हो रहा है तो आपको सोचने की जरूरत है. कई लोग इसे सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन बार-बार ऐसा होना किसी छुपी हुई समस्या या बीमारी का संकेत भी हो सकता है. अगर आपको बिना कारण दिन में ज्यादा नींद आती है तो इसे हल्के में लेना सही नहीं है. आइए जानते हैं कि बैठे-बैठे नींद आना किन बीमारियों या स्थितियों का संकेत हो सकता है.
नींद की कमी होना

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ऐसा कई बार वक्त ना सोने की वजह से भी हो सकता है. अगर आप रोजाना 6 या 8 घंटे की नींद नहीं लेते तो शरीर दिन में आराम मांगता है और आराम ना मिलने पर बैठे-बैठे नींद आने लगती है.
डायबिटीज

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कई बार जरूरत से नींद आना डायबिटीज का भी संकेत हो सकता है. अगर आपको बार-बार प्यास लग रही है या पेशाब आ रहा है तो आपको डॉक्टर के पास जाकर टेस्ट जरूर करवाना चाहिए.
थायरॉइड

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थायरॉइड के मरीज को भी जरूरत से ज्यादा नींद आती है. ऐसा इसलिए क्योंकि थायरॉइड हार्मोन कम होने पर शरीर की गति धीमी हो जाती है, जिससे सुस्ती और नींद आती है.
स्लीप एपनिया

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यह एक गंभीर नींद से जुड़ी समस्या है, जिसमें सोते समय सांस रुक-रुक कर चलती है. इससे जोर से खर्राटे लेने या सुबह उठते ही थकान महसूस होने लगती है तो आपको यकीनन स्लीप एपनिया की बीमारी है.
डिप्रेशन

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जरूरत से ज्यादा सोचने की वजह से दिमाग थक जाता है. इसलिए कहीं भी सोने की डिमांड करता है. हालांकि, डिप्रेशन में कुछ लोगों को बहुत ज्यादा नींद आने लगती है. अगर आप उदास रहते हैं या किसी काम में मन नहीं लग रहा तो यह इसके दूसरे कारण हो सकते हैं.