ये 5 चीजें चुपचाप आपके दिल को कर रही हैं कमजोर, डॉक्टर ने कहा आज ही बदलें ये आदतें

Health Health: रोजमर्रा की ऐसी कुछ आदतें हैं जो चुपचाप आपके दिल की नुकसान पहुंचाती रहती हैं. इन आदतों को ना बदला जाए तो दिल कमजोर होने लगता है और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ता है.

Heart attack stroke
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Heart attack stroke

Kamjor Dil Ke Karan: दिल की बीमारियां बढ़ती उम्र में अचानक से नहीं घेरतीं बल्कि यह व्यक्ति की आदतें हैं जो लंबे समय से दिल को नुकसान पहुंचाती रहती हैं. अपने इंस्टाग्राम हैंडल से शेयर किए गए एक पोस्ट में हार्ट स्पेशलिस्ट डॉ. विशाल वनानी कहते हैं कि दिल हमेशा शोर से नहीं बल्कि चुपचाप कमजोर होता है. ज्यादातर लोग कोलेस्ट्रोल या बीपी पर ध्यान देते हैं लेकिन अपनी रोज की आदतों में सुधार नहीं करते. ये रोज की आदतें ही दिल को असल में कमजोर बनाती हैं. ऐसे में इन आदतों को बदलना जरूरी होता है.

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खर्राटे लेना

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खर्राटे लेना सिर्फ नींद की ही समस्या नहीं है बल्कि डॉक्टर का कहना है कि खर्राटे हार्ट की समस्या का लक्षण हो सकते हैं. तेज खर्राटे लेना और सांस रुकना रात में ऑक्सीजन को घटाते हैं और बीपी बढ़ाते हैं. इससे दिल पर जोर बढ़ता है. ऐसे में खर्राटे, दिनभर थकान और सिर में दर्द होना खतरे की घंटी है.

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5 घंटे की नींद

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अगर आप रोजाना 6 से 7 घंटे कम नींद लेते हैं और बेवक्त नींद लेते हैं तो बीपी, शुगर और स्ट्रेस हार्मोन बढ़ते हैं. नाइट शिफ्ट और देररात फोन स्क्रॉलिंग की आदत चुपचाप दिल पर सालों का बोझ जोड़ हैं. डॉक्टर कहते हैं कि नींद लग्जरी नहीं बल्कि हार्ट की देखभाल है.

स्ट्रेस को नॉर्मल मानना

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अगर स्ट्रेस बना रहे तो यह हार्मोन्स को ऊंचा रखता है, बीपी और इंफ्लेमेशन को बढ़ाता है, अनहेल्दी खानपान और स्मोकिंग को बढ़ाता है. ऐसे में खतरा एक दिन का नहीं बल्कि कभी ना रुकने वाला स्ट्रेस है.

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हर दर्द में पेनकिलर लेना

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बार-बार पेनकिलर लेना बीपी को बढ़ा सकता है. इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ता है. जिन लोगों को पहले से दिल की दिक्कतों का खतरा है उनमें जोखिम ज्यादा होता है.

मसूड़े की दिक्कतें

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डॉक्टर का कहना है कि मसूड़ों की दिक्कतें या मसूड़ों से खून आना शरीर में इंफ्लेमेशन फैलाता है और हार्ट की बीमारी के खतरे से जुड़ा हुआ है. इसीलिए दांतों की सही देखरेख जरूरी है.

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हर समय बैठे रहना

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सिटिंग को न्यू स्मोकिंग कहा जाता है. ऐसा इसलिए क्योंकि लगातार 8 से 10 घंटे बैठे रहना आपके मेटाबॉलिज्म को धीमा करता है. इससे कॉलेस्ट्रोल और शुगर का खतरा बढ़ता है और हार्ट की दिक्कतों में इजाफा होता है. इसीलिए हर 30 मिनट में 2 मिनट तक चलना जरूरी है.

आज ही बदलें ये आदतें

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डॉक्टर की सलाह है कि आपको आज से ही ये आदतें बदल देनी चाहिए जिससे आपका दिल कमजोर ना पड़े और दिल की सेहत अच्छी रहे. यह भी पढ़ें- क्या मुंह में बहुत ज्यादा लार बनना किसी बीमारी का लक्षण है? जानिए कब नहीं करना चाहिए इग्नोर अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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