Kamjor Dil Ke Karan: दिल की बीमारियां बढ़ती उम्र में अचानक से नहीं घेरतीं बल्कि यह व्यक्ति की आदतें हैं जो लंबे समय से दिल को नुकसान पहुंचाती रहती हैं. अपने इंस्टाग्राम हैंडल से शेयर किए गए एक पोस्ट में हार्ट स्पेशलिस्ट डॉ. विशाल वनानी कहते हैं कि दिल हमेशा शोर से नहीं बल्कि चुपचाप कमजोर होता है. ज्यादातर लोग कोलेस्ट्रोल या बीपी पर ध्यान देते हैं लेकिन अपनी रोज की आदतों में सुधार नहीं करते. ये रोज की आदतें ही दिल को असल में कमजोर बनाती हैं. ऐसे में इन आदतों को बदलना जरूरी होता है.
खर्राटे लेना

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खर्राटे लेना सिर्फ नींद की ही समस्या नहीं है बल्कि डॉक्टर का कहना है कि खर्राटे हार्ट की समस्या का लक्षण हो सकते हैं. तेज खर्राटे लेना और सांस रुकना रात में ऑक्सीजन को घटाते हैं और बीपी बढ़ाते हैं. इससे दिल पर जोर बढ़ता है. ऐसे में खर्राटे, दिनभर थकान और सिर में दर्द होना खतरे की घंटी है.
5 घंटे की नींद

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अगर आप रोजाना 6 से 7 घंटे कम नींद लेते हैं और बेवक्त नींद लेते हैं तो बीपी, शुगर और स्ट्रेस हार्मोन बढ़ते हैं. नाइट शिफ्ट और देररात फोन स्क्रॉलिंग की आदत चुपचाप दिल पर सालों का बोझ जोड़ हैं. डॉक्टर कहते हैं कि नींद लग्जरी नहीं बल्कि हार्ट की देखभाल है.
स्ट्रेस को नॉर्मल मानना

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अगर स्ट्रेस बना रहे तो यह हार्मोन्स को ऊंचा रखता है, बीपी और इंफ्लेमेशन को बढ़ाता है, अनहेल्दी खानपान और स्मोकिंग को बढ़ाता है. ऐसे में खतरा एक दिन का नहीं बल्कि कभी ना रुकने वाला स्ट्रेस है.
हर दर्द में पेनकिलर लेना

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बार-बार पेनकिलर लेना बीपी को बढ़ा सकता है. इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ता है. जिन लोगों को पहले से दिल की दिक्कतों का खतरा है उनमें जोखिम ज्यादा होता है.
मसूड़े की दिक्कतें

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डॉक्टर का कहना है कि मसूड़ों की दिक्कतें या मसूड़ों से खून आना शरीर में इंफ्लेमेशन फैलाता है और हार्ट की बीमारी के खतरे से जुड़ा हुआ है. इसीलिए दांतों की सही देखरेख जरूरी है.
हर समय बैठे रहना

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सिटिंग को न्यू स्मोकिंग कहा जाता है. ऐसा इसलिए क्योंकि लगातार 8 से 10 घंटे बैठे रहना आपके मेटाबॉलिज्म को धीमा करता है. इससे कॉलेस्ट्रोल और शुगर का खतरा बढ़ता है और हार्ट की दिक्कतों में इजाफा होता है. इसीलिए हर 30 मिनट में 2 मिनट तक चलना जरूरी है.