क्या मुंह में बहुत ज्यादा लार बनना किसी बीमारी का लक्षण है? जानिए कब नहीं करना चाहिए इग्नोर

Muh Se Lar Girna: मुंह से लार गिरना एक ऐसी दिक्कत है जिससे अक्सर ही लोग परेशान रहते हैं. ऐसे में यह जानना जरूरी है कि यह दिक्कत क्यों होती है और किन लोगों को ज्यादा प्रभावित करती है.

Muh se lar girne ke karan

मुंह से ज्यादा लार आने का क्या मतलब हो सकता है?

Muh Se Lar Girne Ke Karan: मुंह में लार या सलाइवा आना एक आम सी बात है. लेकिन, जब मुंह में बहुत ज्यादा लार बनने लगे और लेटने पर या फिर सोते हुए मुंह से लगातार लार गिरने लगे तो टेंशन होने लगती है. इस तरह एक्सेस सलाइवा किसी स्वास्थ्य संबंधी दिक्कत का संकेत भी हो सकता है. मुंह से ज्यादा लार गिरने को मेडिकल भाषा में हाइपरसेलिवेशन कहते हैं. यह कोई बीमारी नहीं है लेकिन कुछ स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों में यह ट्रिगर हो सकती है.

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मुंह से लार आना किन दिक्कतों का संकेत हो सकता है

  • साइन इंफेक्शन में या मोन्यूक्लियोसिस में
  • टोन्सिल्स की दिक्कत में या स्ट्रेप थ्रोट में
  • एलर्जी के कारण
  • प्रेग्नेंसी में लार आ सकती है,

मसल कंट्रोल खोना भी है कारण

चेहरे की मांसपेशियों के ठीक तरह से काम ना करने या कहें मसल कंट्रोल कम होने से लार गिर सकती है.

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खानपान भी हो सकता है कारण

खानपान की कुछ चीजें सलाइवा के प्रोडक्शन को बढ़ा सकती हैं. शुगरी फूड्स ज्यादा खाने पर या हाई एसिडिक और हाई सिट्र्स फ्रूट्स खाने पर भी लार ज्यादा बन सकती है.

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उम्र भी है फैक्टर

कम उम्र में बच्चों के मुंह से लार गिरने लगती है. वहीं, वृद्धावस्था में पुरुषों को यह दिक्कत हो सकती है.

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न्यूरोलॉजिक्ल डिसओर्डर हो सकते हैं कारण

स्ट्रोक आने पर, डाउन सिंड्रोम में या ऑटिज्म जैसी न्यूरोलॉजिकल कंडीशंस में व्यक्ति के मुंह से लार निकलने लगती है.

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सोते समय क्यों गिरती है लार

स्लीपिंग पॉजीशन सही ना होने पर सोते हुए मुंह से लार गिर सकती है. अगर व्यक्ति टेढ़ा होकर सोता है तो मुंह में इकट्ठा सलाइवा मुंह के किनारे से बाहर निकल सकता है. वहीं, अगर स्लीपिंग पॉजीशन सही है तो एलर्जी, इंफेक्शन या एसिड रिफ्लक्स के कारण मुंह से लार गिर सकती है.

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कैसे दूर होती है लार गिरने की दिक्कत

लार गिरने की दिक्कत को दूर करने के लिए इस परेशानी की जड़ तक जाया जाता है. जब परेशानी का पता चलता है तो उसके हिसाब से दवा दी जाती है. कुछ मामलों में मोटर थेरैपी से दिक्कत दूर होती है तो कुछ में ओरल अप्लायंस थेरैपी का सहारा लिया जाता है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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