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मुंबई की ऊंची-ऊंची इमारतों और चकाचौंध के ठीक नीचे एक ऐसी दुनिया बसी है, जिसे दुनिया का सबसे बड़ा स्लम कहा जाता है. लेकिन धारावी सिर्फ एक झुग्गी-बस्ती नहीं है, यह एक इकोनॉमिक पावरहाउस है. यहां की तंग गलियों और बदबूदार गटरों के बीच अरबों का ऐसा कारोबार होता है, जो दुनिया के बड़े-बड़े बिजनेस घरानों को टक्कर देता है.

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धारावी को अक्सर गरीबी और गंदगी के चश्मे से देखा जाता है, लेकिन अगर आप इसकी गहराई में उतरें, तो यहां आपको जुगाड़ और जुनून का ऐसा संगम मिलेगा जो सालाना 1 बिलियन डॉलर यानी करीब 8,400 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार पैदा करता है.

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यहां की मिट्टी भी सोना उगलती है : धारावी की हर गली में एक फैक्ट्री है. यहां 5,000 से ज्यादा बिजनेस रजिस्टर्ड हैं और 15000 से ज्यादा छोटी-छोटी सिंगल-रूम फैक्ट्रियां चलती हैं. यहां बना चमड़े का सामान जैसे कि जैकेट, बैग, बेल्ट दुनिया के बड़े-बड़े ब्रांड्स के लेबल के साथ पेरिस और न्यूयॉर्क के शोरूम्स में बिकता है. वहीं कुंभारवाड़ा इलाके में मिट्टी के बर्तनों का इतना बड़ा काम होता है कि यहां की आग कभी ठंडी नहीं होती.

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रिसाइकिलिंग हब : धारावी को मुंबई का फेफड़ा कहा जाता है, क्योंकि यह शहर के कचरे को रीसायकल कर उसे दोबारा इस्तेमाल के लायक बनाता है. मुंबई का लगभग 80% प्लास्टिक कचरा यहीं प्रोसेस होता है. यहां हजारों लोग कचरे को छांटने, धोने और उसे प्लास्टिक के दानों में बदलने के काम में लगे हैं. यह दुनिया के सबसे कुशल रिसाइकिलिंग इकोसिस्टम में से एक है.

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मेक इन धारावी का जलवा : यहां सिर्फ लेदर या प्लास्टिक ही नहीं, बल्कि भारी मात्रा में टेक्सटाइल, एम्ब्रॉयडरी और खान-पान का सामान भी बनता है. आप जो स्नैक्स या फरसाण (Farsan) खाते हैं, उसका एक बड़ा हिस्सा धारावी की इन छोटी भट्टियों से निकलकर पूरे मुंबई में सप्लाई होता है.

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गटर के किनारे अरबपति : धारावी के बारे में एक कहावत मशहूर है कि यहां रहने वाला गरीब हो सकता है, लेकिन यहां काम करने वाला नहीं. तंग गलियां, खुली नालियां और एक-दूसरे से सटे मकानों के बीच ऐसे कई लोग हैं जो करोड़ों का बिजनेस संभाल रहे हैं. यहां का टर्नओवर सालाना 9000 करोड़ से ज्यादा है. यहां की जीडीपी (GDP) कई छोटे देशों से भी ज्यादा है. यहां का टर्नओवर पूरी तरह से ह्यूमन लेबर और भरोसे पर टिका है.

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धारावी एक मिसाल है कि अगर हुनर और मेहनत हो, तो अभावों के बीच भी साम्राज्य खड़ा किया जा सकता है. यह मुंबई का वह काला सोना है जिसकी चमक धुंधली नहीं पड़ती.