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सफर के दौरान पावर बैंक आज जरूरत बन चुका है, लेकिन यही छोटा गैजेट बड़ा खतरा भी बन सकता है. हाल ही में चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर इंडिगो फ्लाइट में एक यात्री के पावर बैंक में अचानक आग लग गई, जिससे अफरा तफरी मच गई. हैदराबाद से आई फ्लाइट में यह घटना लैंडिंग के बाद हुई. देखते ही देखते केबिन में धुआं फैल गया, जिसके बाद इमरजेंसी इवैक्युएशन करना पड़ा. यात्रियों को स्लाइड के जरिए बाहर निकाला गया और कुछ लोग हल्के रूप से घायल भी हुए. (AI Generated Image))
पावर बैंक कैसे काम करता है?

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पावर बैंक एक पोर्टेबल बैटरी डिवाइस होता है, जिसमें लिथियम आयन या लिथियम पॉलिमर बैटरी होती है. यह बिजली स्टोर करता है और जरूरत पड़ने पर मोबाइल जैसे डिवाइस चार्ज करता है, लेकिन तापमान बढ़ने पर यह खतरनाक हो सकता है.
ज्यादा गर्म होना खतरनाक

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जब पावर बैंक ज्यादा गर्म हो जाता है, तो उसमें शॉर्ट सर्किट या थर्मल रनअवे जैसी स्थिति बन सकती है. यही स्थिति आग लगने या ब्लास्ट का कारण बनती है, जो खासकर बंद जगहों में ज्यादा जोखिम भरी होती है.
पावर बैंक में आग लगने की मुख्य वजह क्या है?

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पावर बैंक में आग लगने के पीछे कई वजहें होती हैं जैसे ओवरहीटिंग, लंबे समय तक चार्ज करना, सस्ते या खराब क्वालिटी के प्रोडक्ट का इस्तेमाल, बैटरी का डैमेज होना या गिरने से अंदरूनी सेल्स का खराब होना.
फ्लाइट में क्यों ज्यादा खतरनाक?

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फ्लाइट के अंदर ऐसी घटना ज्यादा खतरनाक होती है क्योंकि यह पूरी तरह बंद जगह होती है. धुआं तेजी से फैलता है और घबराहट की स्थिति बन जाती है. इसी वजह से पावर बैंक को केवल केबिन बैग में रखने की अनुमति दी जाती है.
सुरक्षित रहने के लिए क्या करें?

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सुरक्षित रहने के लिए हमेशा अच्छी कंपनी का पावर बैंक इस्तेमाल करें. सस्ते और अनब्रांडेड प्रोडक्ट से बचें, ज्यादा गर्म होने पर तुरंत इस्तेमाल बंद करें और डैमेज बैटरी का उपयोग न करें. फ्लाइट में इसे ऐसी जगह रखें जहां आप उस पर नजर रख सकें.