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आजकल मोबाइल का वाई-फाई हॉटस्पॉट शेयर करना आम बात हो गई है, लेकिन यही छोटी सी आदत आपको बड़े साइबर खतरे में डाल सकती है. खासकर जब आप किसी अनजान व्यक्ति को इंटरनेट देते हैं, तो आपकी निजी जानकारी और बैंकिंग डिटेल्स जोखिम में आ सकती हैं. ऐसे में सावधानी बरतना बेहद जरूरी है.
हॉटस्पॉट बन रहा साइबर फ्रॉड का नया तरीका

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जब आप अपना हॉटस्पॉट किसी दूसरे व्यक्ति को देते हैं, तो वह आपके नेटवर्क से जुड़ जाता है. इसी दौरान साइबर अपराधी आपके डिवाइस तक पहुंच बनाने की कोशिश कर सकते हैं और आपकी संवेदनशील जानकारी चुरा सकते हैं.
डेटा चोरी का खतरा बढ़ जाता है

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कई मामलों में देखा गया है कि हैकर्स यूजर की निजी जानकारी हासिल करके बैंक खातों तक पहुंच बना लेते हैं. इसके बाद बिना जानकारी के पैसे भी निकाले जा सकते हैं.
फेक लिंक और ऐप्स से हमला

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हॉटस्पॉट कनेक्शन के जरिए ठग आपके फोन में संदिग्ध लिंक या फर्जी ऐप भेज सकते हैं. अगर आपने गलती से उन्हें ओपन कर लिया, तो आपका डिवाइस आसानी से हैक हो सकता है.
OTP और पासवर्ड तक पहुंच संभव

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एक बार फोन हैक हो जाने पर साइबर अपराधी आपके OTP, पासवर्ड और बैंकिंग डिटेल्स तक पहुंच सकते हैं, जिससे आर्थिक नुकसान हो सकता है.
पब्लिक जगहों पर ज्यादा खतरा

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रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड या कैफे जैसी जगहों पर हॉटस्पॉट शेयर करना ज्यादा जोखिम भरा होता है, क्योंकि यहां साइबर ठग ज्यादा सक्रिय रहते हैं.
बचाव के लिए अपनाएं ये तरीके

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हमेशा अपना हॉटस्पॉट सिर्फ भरोसेमंद लोगों के साथ ही शेयर करें. मजबूत पासवर्ड रखें, समय-समय पर बदलते रहें और किसी भी अनजान लिंक या ऐप से दूर रहें. साथ ही फोन की सिक्योरिटी अपडेट्स को नजरअंदाज न करें.