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क्या आपका हेलमेट सिर्फ दिखने में नया है? एक्सपर्ट्स के मुताबिक हेलमेट की भी एक्सपायरी डेट होती है और समय पर न बदलने पर यह हादसे में आपकी जान बचाने में नाकाम हो सकता है.
क्या सच में हेलमेट एक्सपायर हो जाता है?

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जी हां, हेलमेट भी एक समय बाद एक्सपायर माना जाता है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक एक अच्छे क्वालिटी वाले हेलमेट की उम्र करीब 3 से 5 साल होती है. हेलमेट के अंदर मौजूद सफेद सुरक्षा परत समय के साथ पसीने, तेल और नमी की वजह से कमजोर होने लगती है. ऐसे में एक्सीडेंट के दौरान यह झटके को सही तरीके से नहीं झेल पाती.
बाहर से सही दिखने वाला हेलमेट भी हो सकता है खतरनाक

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अगर हेलमेट कभी ऊंचाई से गिर जाए या किसी छोटे एक्सीडेंट में इस्तेमाल हो चुका हो, तो उसे बदल देना बेहतर माना जाता है. कई बार हेलमेट बाहर से बिल्कुल ठीक दिखाई देता है, लेकिन अंदर की सुरक्षा परत में दरार आ चुकी होती है, जो हादसे के समय बड़ा खतरा बन सकती है.
हेलमेट साफ करने का सही तरीका क्या है?

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हेलमेट को लंबे समय तक सुरक्षित और बदबू से दूर रखने के लिए नियमित सफाई जरूरी है. अगर हेलमेट की अंदरूनी पैडिंग निकलती है, तो उसे गुनगुने पानी और हल्के शैंपू से साफ करें. ध्यान रखें कि हेलमेट को कभी भी वॉशिंग मशीन में न डालें. वहीं शीशे को साफ करने के लिए माइक्रोफाइबर कपड़ा और सादा पानी इस्तेमाल करना सबसे सही तरीका माना जाता है.
धूप में रखने से पहले ये बात जरूर जान लें

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पसीने की बदबू और बैक्टीरिया खत्म करने के लिए हेलमेट को कभी-कभी हल्की धूप में रखा जा सकता है. हालांकि इसे लंबे समय तक तेज धूप में छोड़ना सही नहीं माना जाता, क्योंकि ज्यादा गर्मी से हेलमेट का प्लास्टिक और बाहरी परत कमजोर हो सकती है.
नया हेलमेट खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान

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हमेशा ISI मार्क वाला हेलमेट ही खरीदना चाहिए, क्योंकि यह सुरक्षा मानकों को पूरा करता है. सस्ते और बिना प्रमाणित हेलमेट दुर्घटना के समय सही सुरक्षा नहीं दे पाते. ऐसे हेलमेट बाहर से मजबूत दिख सकते हैं, लेकिन हादसे में आसानी से टूट सकते हैं.