अक्सर घरों में पुराने या खराब हो चुके स्मार्टफोन पड़े रहते हैं. कई लोग इन्हें बेकार समझकर सीधे कूड़ेदान में डाल देते हैं, लेकिन ऐसा करना कई तरह के जोखिम पैदा कर सकता है. एक बंद या डेड स्मार्टफोन भी पर्यावरण, स्वास्थ्य और आपकी निजी जानकारी के लिए खतरा बन सकता है. इसलिए इसे फेंकने से पहले सही तरीका जानना जरूरी है.
डेड फोन क्यों बन सकता है खतरा?

2 / 7
स्मार्टफोन में कई कीमती धातुएं, इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स और बैटरी मौजूद होती है. अगर इनका सही तरीके से निपटान न किया जाए तो यह पर्यावरण और इंसानों दोनों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकते हैं. यही वजह है कि खराब फोन को सामान्य कचरे में फेंकने की सलाह नहीं दी जाती.
बैटरी से आग और ब्लास्ट का खतरा

3 / 7
डेड स्मार्टफोन में लगी लिथियम आयन बैटरी दबाव, गर्मी या किसी नुकसान की स्थिति में फट सकती है. ऐसे मामलों में कचरा उठाने वाली गाड़ियों या डंपिंग साइट्स पर आग लगने का खतरा बढ़ जाता है. कई बार यह आग इतनी गंभीर हो सकती है कि आसपास मौजूद लोगों की सुरक्षा भी प्रभावित हो जाए.
जहरीले रसायन पहुंचा सकते हैं नुकसान

4 / 7
स्मार्टफोन के निर्माण में सीसा, मर्करी और कैडमियम जैसे खतरनाक तत्वों का इस्तेमाल किया जाता है. जब खराब फोन को सीधे कचरे में फेंका जाता है, तो ये रसायन धीरे धीरे मिट्टी और पानी में मिल सकते हैं. इससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचने के साथ साथ इंसानी स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ सकता है. ये भी पढ़ें-
डेड फोन में भी सुरक्षित रहता है आपका डेटा

5 / 7
फोन बंद हो जाने का मतलब यह नहीं है कि उसके अंदर मौजूद जानकारी खत्म हो गई है. मेमोरी चिप में आपकी तस्वीरें, वीडियो, दस्तावेज और दूसरी निजी जानकारी सुरक्षित रह सकती है. अगर फोन किसी गलत व्यक्ति के हाथ लग जाए तो डेटा चोरी होने का खतरा बना रहता है. ये भी पढ़ें-
बैंकिंग डिटेल्स तक पहुंच सकते हैं अपराधी

6 / 7
कई मामलों में शातिर लोग पुराने फोन से मेमोरी चिप निकालकर डेटा रिकवर करने की कोशिश करते हैं. इससे निजी फोटो, वीडियो और बैंकिंग से जुड़ी जानकारी गलत हाथों में जा सकती है, जिससे आर्थिक नुकसान होने की आशंका रहती है.
पुराने स्मार्टफोन को डिस्पोज करने का सही तरीका

7 / 7
पुराने या खराब स्मार्टफोन को हमेशा सर्टिफाइड ई वेस्ट रीसाइक्लिंग सेंटर पर ही जमा करना चाहिए. आप मोबाइल कंपनी के अधिकृत सर्विस सेंटर या स्टोर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. कई कंपनियां पुराने फोन के बदले एक्सचेंज बोनस या डिस्काउंट ऑफर भी देती हैं. कई शहरों में सरकार और निजी संस्थाओं की तरफ से ई वेस्ट कलेक्शन बिन लगाए जाते हैं. यहां पुराने स्मार्टफोन और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक सामान को सुरक्षित तरीके से जमा किया जा सकता है, जिससे उनका सही रीसाइक्लिंग हो सके.