भूखे पेट सोया, मिल में पसीना बहाया...अब 35 साल बाद Coke Studio में गाने का मिला मौका, जानें इस सिंगर की दर्दभरी दास्तां
Ashok Maskin Coke Studio Singer Struggle: किसी को सफलता आसानी से नहीं मिलती. किसी किसी को कई साल इंतजार करना पड़ता है. जैसे के जालंधर के इस सितारे को 35 साल रुकना पड़ा और अब जाकर उन्हें Coke Studio का मंच मिला.

Ashok Maskin Coke Studio Singer Struggle: किसी को सफलता आसानी से नहीं मिलती. किसी किसी को कई साल इंतजार करना पड़ता है. जैसे के जालंधर के इस सितारे को 35 साल रुकना पड़ा और अब जाकर उन्हें Coke Studio का मंच मिला.
आर्टिस्ट की जिंदगी
2 / 8एक आर्टिस्ट बनना आसान नहीं है. उसे जीवन में कई रिस्क लेने पड़ते हैं. कई बार कई सालों तक कोई पहचानता तक नहीं. आर्ट की पहचान कई बार तुरंत हो जाती है, तो कई बार कई साल बीत जाते हैं. इसी तरह एक आर्टिस्ट की जिंदगी चलती है.
जालंधर का आर्टिस्ट
3 / 8ऐसा ही एक आर्टिस्ट, जो कि जालंधर में एक मजदूर परिवार में पैदा हुआ. पिता मजदूरी कर पेट पालते. बेटे ने भी जल्द ही वही पेशा ले लिया. स्थिति इतनी खराब थी कि 6वीं क्लास के बाद पढ़ाई तक छोड़नी पड़ी.
मिलों में की मजदूरी
4 / 8इस आर्टिस्ट में मिलों में मजदूरी की. जो काम सामने आया, सब किया, क्योंकि सिर पर परिवार की जिम्मेदारी थी. लेकिन संगीत हमेशा उनके इस समस्याओं से निजात देता था. उन्हें गाने गाना सबसे ज्यादा सुकून देता था.
संगीत की राह चुनी
5 / 8जालंधर के इस बेटे ने संगीत की राह चुनी और घर छोड़कर संगीत को पूरी तरह पकड़ लिया. उन्होंने माता के जागरणों में गाना गाना शुरू किया. रियाज करते रहे. और पेट पालने के लिए छोटे मोटे काम करते रहे. लेकिन उन्होंने किसी भी हाल में संगीत को नहीं छोड़ा.
जी तोड़ मेहनत की
6 / 835 साल तक उन्होंने जी तोड़ काम किया. संगीत में रियाज करते रहे. खुद को बिना किसी ट्रेनिंग के निखारते रहे. इतने सालों की मेहनत को अब जल्द ही पहचान मिलने वाली थी. उन्हें मशहूर तनिष्क बागची ने पहचाना और काम दिया.
अब कोक स्टूडियो में गाया गाना
7 / 8जालंधर के इस आर्टिस्ट की कला को 35 साल बाद पहचान मिली. उन्हें काम मिला. 35 वर्षों के कड़े संघर्ष और गरीबी के बाद कोक स्टूडियो भारत के मंच पर 'बुल्लैया वे' ट्रैक के माध्यम से अपनी जादुई आवाज से पहचान बनाई है.
कौन है ये जाबांज आर्टिस्ट?
8 / 8इस आर्टिस्ट का नाम है अशोक मस्कीन, जिन्होंने इतने संघर्षों के बाद भी संगीत की राह नहीं छोड़ी और आज उन्होंने इतने बड़े प्लेटफॉर्म पर काम किया. उनका ये सफर हम सभी को प्रेरणा देता है कि किसी भी हालत में हमें अपने सपनों का पीछा नहीं छोड़ना चाहिए. क्योंकि जितना आप उसे चाहते हैं, वह भी आपको उतना ही चाहता है.