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Asha Bhosle Best Song: आशा भोसले ने अपनी बहन से अलग नाम बनाने के लिए काफी मेहनत की है. उनके इस 3 मिनट 28 सेकेंड के गाने से करियर में बड़ा उछाल देखने को मिला. यह गाना आज भी पर्फेक्ट पार्टी सॉन्ग है. आइए जानते हैं.
आशा भोसले का करियर

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आशा भोसले ने अपने करियर को लेकर काफी स्ट्रगल किया. कई लोगों को इस बात का विश्वास नहीं होगा. लेकिन उनकी बहन (लता मंगेश्कर) की कामयाबी उनके लिए सबसे बड़ा चैलेंज साबित हुई थी. उनके सामने हमेशा अपनी बहन से बेहतर या उनके जैसा प्रदर्शन करकी अनदेखी चाह रखी गई.
इस गाने ने बदली जिंदगी

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साल 1971 में रिलीज हुआ एक गाना सिर्फ 3 मिनट 28 सेकंड का था, लेकिन इसने पूरी संगीत दुनिया हिला दी. गाने का नाम था, दम मारो दम. फिल्म हरे रामा हरे कृष्णा में यह गाना आशा भोसले ने गाया था.
आर डी बरमन और आशा भोसले की जोड़ी

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इस गाने का संगीत आर.डी. बर्मन ने दिया और आनंद बक्षी ने बोल लिखे थे. वहीं जीनत अमान पर फिल्माया यह गाना आज भी पार्टी का सबसे मजेदार और पर्फेक्ट सॉन्ग माना जाता है. आशा भोसले की नशीली आवाज ने इस गाने में जान डाल दी थी.
विवाद और बैन की कहानी

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लेकिन इस गाने को लेकर काफी विवाद भी हुआ था. इसमें हिप्पी कल्चर और नशे की बात थी. जीनत अमान चिलम पीते हुए नाचती दिखाई गईं. लोग कहने लगे कि यह नशीले पदार्थों को बढ़ावा दे रहा है. इसलिए रेडियो और टीवी पर इस गाने पर बैन लगा दिया गया था.
लोगों का बना फेवरेट

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बता दें कि शुरुआत में देव आनंद ने भी इस गाने को फिल्म से हटाने का सोचा था. लेकिन आशा भोसले और पंचम दा (आर.डी. बर्मन) के जोर देने से गाना रह गया. लेकिन बाद में इस गाने को लोगों द्वारा खूब पसंद किया गया.
आशा भोसले की जिंदगी में उछाल

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उस समय आशा भोसले अच्छी गायिका थीं, लेकिन बड़ी बहन लता मंगेशकर की छाया में रहती थीं. दम मारो दम ने उनकी आवाज को नई ऊंचाई दी थी. गाने की बोल्ड स्टाइल, अनोखा संगीत और आशा जी की जादुई आवाज ने युवाओं को दीवाना बना दिया था.
नंबर 1 बना रहा गाना

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यह गाना बिनाका गीतमाला की साल की टॉप लिस्ट में नंबर 1 रहा. कई हफ्तों तक यह गाना टस से मस नहीं हुआ और चार्ट पर राज करता रहा. इस गाने ने आशा भोसले के करियर को नया मोड़ दे दिया. पहले जहां उन्हें कुछ ही मौके मिलते थे, अब बड़े-बड़े गाने उनके पास आने लगे.
आज भी पार्टी का राजा

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आज 50 साल से ज्यादा समय बीत गया है, लेकिन दम मारो दम, मिट जाए घम अभी भी हर पार्टी, शादी और फंक्शन में बजता है. युवा पीढ़ी भी इसे उत्साह से गाती और नाचती है. इसका रिमिक्स भी कई बार बना. यह गाना सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि उस दौर की आजादी और बगावत की भावना का प्रतीक बन गया.