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मुंह का कैंसर यानी माउथ कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसका अगर सही समय पर पता चल जाए, तो इलाज बेहद आसान और सफल हो सकता है. अक्सर हम मुंह के छालों या मसूड़ों की सूजन को मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जो बाद में गंभीर रूप ले लेते हैं. आइए जानते हैं कि माउथ कैंसर के उन शुरुआती संकेतों को, जिन्हें बिल्कुल भी हल्के में नहीं लेना चाहिए:

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जिद्दी छाले जो ठीक न हों : क्या आपके मुंह में ऐसा छाला है जो 2-3 हफ्तों के बाद भी ठीक नहीं हो रहा? सामान्य छाले हफ्ते भर में भर जाते हैं, लेकिन अगर कोई घाव या छाला लगातार बना हुआ है और उसमें से कभी-कभी खून भी आता है, तो यह कैंसर की पहली चेतावनी हो सकती है.

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सफेद या लाल रंग के धब्बे : जीभ, मसूड़ों या गालों के अंदरूनी हिस्से पर अगर सफेद (Leukoplakia) या लाल (Erythroplakia) रंग के पैच दिखने लगें, तो सावधान हो जाएं. ये धब्बे छूने पर सख्त महसूस हो सकते हैं और ब्रश करने से भी साफ नहीं होते.

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मुंह खोलने में परेशानी : अगर आपको अचानक महसूस हो कि आपका मुंह पहले की तरह पूरा नहीं खुल रहा है या जबड़े को हिलाने-डुलाने में जकड़न महसूस हो रही है, तो यह अंदरूनी ऊतकों (tissues) में होने वाले बदलाव का संकेत हो सकता है. तंबाकू या सुपारी खाने वालों में यह लक्षण अक्सर देखा जाता है.

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बिना वजह दांतों का हिलना : बिना किसी चोट या पायरिया के अगर आपके दांत अचानक ढीले होने लगें या मसूड़ों की पकड़ कमजोर हो जाए, तो यह जबड़े की हड्डी में पनप रहे ट्यूमर का इशारा हो सकता है.

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निगलने में तकलीफ या आवाज में बदलाव : क्या आपको खाना निगलते समय गले में कुछ अटका हुआ महसूस होता है? या फिर आपकी आवाज में अचानक भारीपन (Hoarseness) आ गया है जो ठीक नहीं हो रहा? यह गले या जीभ के पिछले हिस्से में हो रही गड़बड़ी का संकेत है.

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गर्दन में गांठ या सूजन: कभी-कभी कैंसर का पहला लक्षण मुंह के बाहर दिखता है. अगर कान के नीचे या गर्दन के हिस्से में कोई ऐसी गांठ महसूस हो जिसमें दर्द न हो लेकिन उसका आकार बढ़ रहा हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.

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बचाव ही सबसे बड़ा इलाज है : अगर आपको इनमें से कोई भी लक्षण 2 हफ्तों से ज्यादा समय तक महसूस हो, तो घबराएं नहीं बल्कि किसी ENT विशेषज्ञ या डेंटिस्ट को दिखाएं. शुरुआती स्टेज पर पकड़ में आने पर कैंसर पूरी तरह ठीक हो सकता है. सिगरेट, बीड़ी, तंबाकू और शराब से दूरी बनाए रखना ही इस बीमारी से बचने का सबसे पक्का तरीका है.