दिल्ली जिमखाना क्लब एक बार फिर चर्चा में है. इस ब्रिटिश दौर के एलीट क्लब की शान और नवाबी के कई किस्से सामने आ रहे हैं. खास बात ये है कि वायसराय लॉर्ड विलिंगडन की पत्नी लेडी विलिंगडन ने करीब 96 साल पहले 21 हजार रुपये डोनेशन देकर यहां स्विमिंग पूल बनवाया था. ये पूल आज भी क्लब के इतिहास की सबसे खास पहचान माना जाता है.
अंग्रेजों की नवाबी का सबसे बड़ा ठिकाना

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ब्रिटिश दौर में बना दिल्ली का जिमखाना क्लब अंग्रेजी शानो-शौकत, रॉयल लाइफस्टाइल और सत्ता के प्रतीक के तौर पर जाना जाता था. हाल के दिनों में क्लब को लेकर कानूनी और सरकारी विवाद भी सामने आए हैं. ब्रिटिश भारत के समय जिमखाना क्लब सिर्फ स्पोर्ट सेंटर नहीं था, बल्कि ये अंग्रेज अफसरों, नवाबों और बड़े कारोबारियों की खास बैठक की जगह हुआ करता था. यहां शानदार पार्टियां, बॉलरूम डांस, पोलो और टेनिस जैसे खेल होते थे. आम भारतीयों की यहां एंट्री लगभग नामुमकिन मानी जाती थी.
किसने बनवाया था ये ऐतिहासिक क्लब?

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दिल्ली जिमखाना क्लब 1930 के दशक में बनाया गया था. इसका डिजाइन मशहूर ब्रिटिश आर्किटेक्ट रॉबर्ट टी. रसेल ने तैयार किया था, जिन्होंने कनॉट प्लेस और तीन मूर्ति भवन जैसी इमारतों को भी डिजाइन किया था. दिलचस्प बात ये है कि शुरुआती दौर में इस आलीशान क्लब में स्विमिंग पूल नहीं था. यहां तक कि उस समय बन रहे वायसराय हाउस यानी आज के राष्ट्रपति भवन में भी स्वीमिंग पूल नहीं था.
लेडी विलिंगडन को था स्वीमिंग का शौक

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भारत के तत्कालीन वायसराय Lord Willingdon की पत्नी Lady Willingdon को स्वीमिंग बेहद पसंद थी. उन्हें दूसरे अमीर लोगों के घर जाकर पूल इस्तेमाल करना पसंद नहीं था. इसी वजह से उन्होंने खुद नया पूल बनवाने की ठानी. लेडी विलिंगडन ने करीब 96 साल पहले 21 हजार रुपये दान में दिए थे ताकि क्लब में जल्दी स्विमिंग पूल और स्क्वैश कोर्ट बनाए जा सकें. उस दौर में यह रकम बेहद बड़ी मानी जाती थी.
पूल का नाम पड़ा ‘लेडी विलिंगडन स्विमिंग बाथ’

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क्लब प्रशासन ने लेडी विलिंगडन के योगदान को सम्मान देने के लिए पूल का नाम 'Lady Willingdon Swimming Bath' रखा. इसके अलावा 'The Willingdon Squash Courts' नाम की पट्टियां भी लगाई गई थीं.
(All Photos Credit: Social Media)