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दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे बनकर तैयार है और अब देशवासियों को इसके उद्धाटन का इंतजार है। परिवहन राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने बताया है कि एक्सप्रेसवे को मार्च महीने में लोगों के लिए खोल दिया जाएगा और इसका उद्धाटन प्रधानमंत्री मोदी करेंगे। इस एक्सप्रेसवे के खुल जाने से दिल्ली से देहरादून तक जाने में लगने वाला 6-7 घंटे का समय सिर्फ 2 से 3 घंटे का रह जाएगा।

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नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के अनुसार, जनवरी 2024 से बनाया जा रहा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे 210 किलोमीटर यानी 130 मील लंबा 6 लेन वाला एक्सप्रेसवे है, जो देश की राजधानी दिल्ली को उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से कनेक्ट करेगा। इसके दायरे में देश के 3 राज्य दिल्ली, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश आएंगे।

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बता दें कि इस एक्सप्रेसवे के पूरे रूट पर पड़ने वाले शहरों की कनेक्टिविटी के लिए 2 लिंक रोड भी बनाए गए हैं। एक 50.7 किलोमीटर यानी 31.5 मील लंबा लेन वाला सहारनपुर-रुड़की -हरिद्वार एक्सप्रेसवे बना है। दूसरा 121 किलोमीटर यानी 75 मील लंबा 6 लेन वाला अंबाला-शामली एक्सप्रेसवे बना है।

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बता दें कि फरवरी 2020 में एक्सप्रेसवे को केंद्र सरकारी की मंजूरी मिली थी। जनवरी 2021 में टेंडर जारी हुआ था और बजट मंजूर हुआ था। दिसंबर 2021 में प्रधानमंत्री मोदी ने इसकी आधारशिला रखी थी। जनवरी 2022 में शामली अंबाला एक्सप्रेसवे के लिए टेंडर के लिए इन्विटेशन मांगे गए। टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 2024 में निर्माण शुरू हुआ।

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दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे 4 चरणों में बनाया गया है। पहले फेज में अक्षरधाम दिल्ली से बागपत तक 32 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे बना. दूसरे फेज में बागपत से सहारनपुर बाईपास 120 किलोमीटर लंबा पूरी तरह से नया ग्रीनफील्ड रूट बना. तीसरे फेज में सहारनपुर से गणेशपुर उत्तराखंड बॉर्डर 40 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे बना. चौथे फेज में गणेशपुर से देहरादून तक 20 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे बना।

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बता दें कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर 12 किलोमीटर लंबा एशिया का सबसे बड़ा एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर भी बना है, जिसमें 340 मीटर लंबी सुरंग शामिल है, जो राजाजी नेशनल पार्क के पास से गुजरती है. वहीं एक्सप्रेसवे पर कुछ-कुछ किलोमीटर की दूरी पर रेस्ट करने के लिए स्टॉप, चाय-नाश्ते की दुकानें और शौचालय भी मिलेंगे।

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दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे पर टोल टैक्स को लेकर 2 तरह की व्यवस्था हो सकती है। एक फास्टैग के साथ कि अगर आपके पास सालाना पास या फास्टैग है तो चारों टोल प्लाजा पार करने का एक तरफ का टोल टैक्स 60 रुपये के आसपास लगेगा। दूसरा बिना पास के यानी सामान्य यात्रियों के लिए टोल फीस 500 रुपये तक हो सकता है. अक्षरधाम से लोनी/खेकड़ा तक के शुरुआती 18 से 32 किलोमीटर लंबे रूट को कुछ समय के लिए टोल-फ्री रखा जा सकता है.

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दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर स्पीड की लिमिट पहले से ही तय कर दी गई है। एक्सप्रेस वे पर कारें 100 किलोमीटर प्रति घंटा से ज्यादा स्पीड से नहीं दौड़ेंगी। भारी वाहनों जैसे ट्रक और बस के लिए अधिकतम 80 किलोमीटर प्रति घंटा होगी. एक्सप्रेसवे पर 16 एंट्री-एग्जिट पॉइंट, 5 रेलवे ओवरब्रिज, 113 अंडरपास और एक सुरंग बनाई गई है।