RBI New Rule: कर्जदारों के लिए RBI ले आया नया नियम, 1 जुलाई से होगा लागू; जानें क्या बदलेगा
आरबीआई (RBI) के इस नए और राहत भरे नियम से लोन लेने वालों को बड़ी राहत मिलेगी। आरबीआई के नए नियम 1 जुलाई से लागू हो जाएंगे। पूरी डिटेल यहां जानें

अगर आपने बैंक से लोन लिया है, तो भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने आपके लिए एक बड़ी खुशखबरी दी है। अक्सर बाढ़, भूकंप या तूफान जैसी प्राकृतिक आपदाओं के वक्त लोगों का काम-काज ठप हो जाता है और लोन की किस्त (EMI) चुकाना भारी पड़ता है। अब तक इसके लिए बैंकों के चक्कर काटने पड़ते थे, लेकिन 1 जुलाई से नियम बदलने जा रहे हैं। अब बैंक खुद आगे बढ़कर आपको राहत देंगे। आइए समझते हैं कैसे काम करेगा यह नया सिस्टम।
बिना अर्जी के मिलेगी EMI से छुट्टी!
2 / 8अब तक नियम था कि आपदा आने पर ग्राहक को बैंक जाकर आवेदन देना पड़ता था। 1 जुलाई से, अगर आपके इलाके में आपदा घोषित होती है, तो बैंक बिना किसी आवेदन के खुद ही आपको किस्तों में राहत दे देगा।
कौन-सी आपदाएं होंगी शामिल?
3 / 8RBI ने साफ किया है कि SDRF (राज्य आपदा राहत कोष) या NDRF (राष्ट्रीय आपदा राहत कोष) द्वारा घोषित आपदाओं (जैसे- बाढ़, भूकंप, तूफान) पर ही यह नियम लागू होगा। आपदा घोषित होने के 45 दिनों के भीतर बैंकों को राहत प्रक्रिया शुरू करनी होगी।
किसे मिलेगा फायदा?
4 / 8इस सुविधा का लाभ केवल उन्हें मिलेगा जिनका बैंक खाता एक्टिव या स्टैंडर्ड है। अगर आपकी किस्त 30 दिनों से ज्यादा समय से पेंडिंग नहीं है, तभी आप इसके हकदार होंगे। पुराने डिफॉल्टरों को यह सुविधा नहीं मिलेगी।
क्या-क्या मिल सकती है राहत?
5 / 8बैंक आपको किस्तों के भुगतान के लिए एक्स्ट्रा समय दे सकते हैं। इसके अलावा किस्तों को कुछ समय के लिए टालना (Deferral) या लोन का पुनर्गठन (Restructuring) भी किया जा सकता है।
अगर नहीं चाहिए राहत, तो क्या करें?
6 / 8अगर कोई ग्राहक चाहता है कि उसे यह राहत न मिले और वह अपनी किस्त समय पर चुकाना जारी रखे, तो वह 135 दिनों के भीतर ऑप्ट-आउट (Opt-out) के लिए आवेदन कर सकता है।
अगर नहीं चाहिए राहत, तो क्या करें?
7 / 8अगर कोई ग्राहक चाहता है कि उसे यह राहत न मिले और वह अपनी किस्त समय पर चुकाना जारी रखे, तो वह 135 दिनों के भीतर ऑप्ट-आउट (Opt-out) के लिए आवेदन कर सकता है।
सिर्फ नए लोन पर लागू होगा नियम
8 / 8यह नया नियम 1 जुलाई, 2026 के बाद लिए गए भविष्य के लोन पर ही लागू होगा। पुराने लोन के मामलों में पहले से चले आ रहे नियम ही प्रभावी रहेंगे ताकि कोई भ्रम न हो।



















