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फरीदाबाद वालों, सावधान। क्या आप भी नया घर लेने की प्लानिंग कर रहे हैं? तो 1 अप्रैल से पहले अपनी डील पक्की कर लें। नए कलेक्टर रेट्स लागू होने से लेकर 19 गांवों में 12 नए सेक्टरों के कटने तक, फरीदाबाद के रियल एस्टेट में आने वाला है बड़ा बदलाव। पूरी लिस्ट और नए रेट्स का गणित देखिए हमारी इस विशेष गैलरी में।
1 अप्रैल से फरीदाबाद में प्रॉपर्टी ब्लास्ट!

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अगर आप फरीदाबाद में जमीन या मकान खरीदने की सोच रहे हैं, तो 31 मार्च तक का समय कीमती है। हरियाणा सरकार 1 अप्रैल से नए कलेक्टर रेट लागू करने जा रही है। मंगलवार को होने वाली प्रशासनिक बैठक में इसकी अंतिम रूपरेखा तय हो जाएगी।
कितनी ढीली होगी आपकी जेब?

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अनुमान है कि रिहायशी और कमर्शियल इलाकों में कलेक्टर रेट 5 से 10 प्रतिशत तक बढ़ सकते हैं। रेट बढ़ने का सीधा मतलब है कि आपको अब स्टैम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस के लिए ज्यादा पैसे चुकाने होंगे।
ग्रेटर फरीदाबाद पर विशेष नजर

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जिन इलाकों में प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त सबसे ज्यादा हो रही है, वहां रेट्स में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है। ग्रेटर फरीदाबाद फिलहाल रियल एस्टेट का हब बना हुआ है, इसलिए यहाँ के निवेशकों को तगड़ा झटका लग सकता है।
19 गांवों की किस्मत चमकने वाली है!

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मास्टर प्लान 2031 के तहत सरकार 19 गांवों की 4,500 एकड़ जमीन खरीदने की तैयारी में है। इन गांवों में खेती की जमीन के रेट्स में जबरदस्त बढ़ोतरी होने की संभावना है क्योंकि यहाँ 12 नए सेक्टर बसाए जाएंगे।
मास्टर प्लान 2031: कटेंगे 12 नए सेक्टर

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फरीदाबाद का दायरा बढ़ने वाला है! जिन 12 नए सेक्टरों को विकसित किया जाएगा, उनमें सेक्टर 94A, 96, 96A, 97A, 99, 100, 101, 102, 103, 140, 141 और 142 शामिल हैं। सेक्टर 100 को खास तौर पर 'कमर्शियल हब' बनाया जाएगा।
इन गांवों की जमीन पर चलेगा पीला पंजा

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खेड़ी कलां, नचौली, शाहबाद, बादरपुर सैद, साहूपुरा, सोतई, सुनपेड़, मलेरना, जाजरू, भैसरावली, फत्तूपुरा, भुआपुर, जसाना, फरीदपुर, सादपुरा और तिगांव की जमीन पर नए सेक्टरों का निर्माण होगा।
पृथला विधानसभा क्षेत्र में भी हलचल

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सेक्टर 140, 141 और 142 पृथला विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आएंगे। इसके लिए सोतई, सुनपेड़, साहूपुरा, मलेरना और जाजरू की जमीन अधिग्रहित की जानी है। इन इलाकों में भी सर्किल रेट बढ़ने से निवेशकों की गहमागहमी बढ़ गई है।
क्यों बढ़ रहे हैं दाम?

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पिछली बार कलेक्टर रेट बढ़ाने पर काफी विरोध हुआ था, लेकिन इस बार सरकार ने बढ़ते विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर को देखते हुए यह फैसला लिया है। तहसीलदारों की रिपोर्ट तैयार है—अब बस मंगलवार की मीटिंग के बाद रेट्स पर मुहर लगना बाकी है।