डिजिटल पेमेंट ने हमारे रोजमर्रा के लेन-देन को जितना आसान बनाया है, साइबर अपराधियों ने ठगी के उतने ही नए रास्ते भी खोज लिए हैं। आजकल बाजारों या सार्वजनिक जगहों पर एक नया स्कैम (Scam) सामने आ रहा है, जहां कोई अनजान व्यक्ति मजबूरी का बहाना बनाकर आपके PhonePe या UPI अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करता है और बदले में आपसे कैश मांगता है। दिखने में यह एक सामान्य मदद लग सकती है, लेकिन साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह छोटी सी भूल आपको सीधे जेल पहुंचा सकती है या आपका बैंक अकाउंट हमेशा के लिए फ्रीज करवा सकती है। आइए, समझते हैं इस खेल के पीछे का खतरनाक सच।
मजबूरी का नाटक और फिर खेल शुरू: जानिए कैसे जाल में फंसाते हैं ठग

2 / 5
यह पूरा स्कैम बहुत ही शातिराना तरीके से रचा जाता है, जिससे किसी को शक न हो। कोई अनजान व्यक्ति आपके पास आकर कहेगा कि उसे तुरंत कैश की जरूरत है या उसका एटीएम काम नहीं कर रहा है। वह तुरंत आपके UPI या PhonePe नंबर पर पैसे भेज देगा। आपके फोन पर पैसे आने का अलर्ट (Message) दिखते ही आप भरोसा कर लेते हैं और अपनी जेब से उसे नकद (Cash) थमा देते हैं। यहीं पर आप उनके जाल में फंस जाते हैं।
Salary New Rule: सैलरी, DA, HRA और पेंशन को लेकर जारी हुए नए नियम, जानें क्या बदला
क्या है असली खतरा? आप अनजाने में बन जाते हैं मनी लॉन्ड्रिंग का हिस्सा

3 / 5
मदद करने के चक्कर में आप कैसे अपराधियों के साझेदार बन जाते हैं, इसे समझना जरूरी है। साइबर अपराधी किसी से ठगी या अवैध काम से कमाए गए पैसों को सीधे अपने अकाउंट में नहीं निकालते। वे पकड़े जाने से बचने के लिए उस पैसे को कई अलग-अलग आम लोगों के खातों में ट्रांसफर करते हैं। जब पुलिस या साइबर सेल उस ठगी के पैसे का ट्रैक (Money Trail) ढूंढती है, तो उसमें आपका बैंक अकाउंट सामने आता है। भले ही आपने सिर्फ मदद की हो, लेकिन कानून की नजर में वह अवैध पैसा आपके खाते में आया था।
Elon Musk Trillionaire: अगर एलन मस्क दुनिया के हर इंसान को अपनी दौलत बांट दें, तो आपके हिस्से में आएंगे कितने रुपये!
बैंक अकाउंट हो जाएगा फ्रीज, बंद हो जाएंगी सारी डिजिटल सेवाएं

4 / 5
अगर आपका खाता किसी संदिग्ध लेन-देन से जुड़ जाता है, तो आपको इन बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा:
1. खाता ब्लॉक: सुरक्षा के लिहाज से बैंक तुरंत आपके खाते को फ्रीज या ब्लॉक कर देते हैं। इसके बाद आप न तो एटीएम से पैसे निकाल पाएंगे और न ही कोई ऑनलाइन पेमेंट कर पाएंगे।
2. सरकारी दफ्तरों के चक्कर: अपने खाते को दोबारा चालू करवाने और खुद को बेकसूर साबित करने के लिए आपको पुलिस, साइबर सेल और बैंक अधिकारियों को महीनों तक स्पष्टीकरण देना पड़ सकता है।
खुद को सुरक्षित कैसे रखें? मुसीबत के समय तुरंत डायल करें 1930

5 / 5
इस साइबर फ्रॉड से बचने के लिए एक्सपर्ट्स ने कुछ बेहद जरूरी गाइडलाइंस दी हैं। जैसे कि किसी भी अनजान व्यक्ति के लिए अपने UPI अकाउंट में पैसे स्वीकार न करें और न ही किसी को कैश दें। सीधे उन्हें पास के एटीएम या बैंक जाने की सलाह दें। अपने बैंक अकाउंट और यूपीआई ट्रांजैक्शन पर लगातार नजर रखें। अगर आपको लगता है कि आप अनजाने में किसी ऐसे झांसे में आ गए हैं, तो बिना देर किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज कराएं।खुद को सुरक्षित कैसे रखें? मुसीबत के समय तुरंत डायल करें 1930
इस साइबर फ्रॉड से बचने के लिए एक्सपर्ट्स ने कुछ बेहद जरूरी गाइडलाइंस दी हैं। जैसे कि किसी भी अनजान व्यक्ति के लिए अपने UPI अकाउंट में पैसे स्वीकार न करें और न ही किसी को कैश दें। सीधे उन्हें पास के एटीएम या बैंक जाने की सलाह दें। अपने बैंक अकाउंट और यूपीआई ट्रांजैक्शन पर लगातार नजर रखें। अगर आपको लगता है कि आप अनजाने में किसी ऐसे झांसे में आ गए हैं, तो बिना देर किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज कराएं।