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ऑफिस निकलने से पहले आज के फ्यूल रेट्स चेक कर लें. 24 मार्च को दिल्ली में पेट्रोल ₹94.72 है, तो मुंबई में ₹104.21। अपने शहर की पूरी लिस्ट और घर बैठे रेट चेक करने का आसान तरीका यहां देखें।
हर दिन जारी होते हैं नए रेट्स

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देश की सरकारी तेल कंपनियों ने आज सुबह पेट्रोल और डीजल के ताजा भाव जारी कर दिए हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति को देखते हुए हर दिन सुबह 6 बजे इन दामों में बदलाव किया जाता है। आज कई शहरों में कीमतें स्थिर रहीं, तो कुछ जगहों पर स्थानीय टैक्स (VAT) की वजह से मामूली उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।
आपके शहर में आज के पेट्रोल और डीजल के दाम

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यहां 24 मार्च, 2026 तक के प्रमुख शहरों के पेट्रोल और डीजल के ताजा दाम दिए गए हैं—
नई दिल्ली: पेट्रोल ₹94.72 | डीजल ₹87.62
मुंबई: पेट्रोल ₹104.21 | डीजल ₹92.15
कोलकाता: पेट्रोल ₹103.94 | डीजल ₹90.76
चेन्नई: पेट्रोल ₹100.75 | डीजल ₹92.34
अहमदाबाद: पेट्रोल ₹94.49 | डीजल ₹90.17
बेंगलुरु: पेट्रोल ₹102.92 | डीजल ₹89.02
हैदराबाद: पेट्रोल ₹107.46 | डीजल ₹95.70
जयपुर: पेट्रोल ₹104.72 | डीजल ₹90.21
लखनऊ: पेट्रोल ₹94.69 | डीजल ₹87.80
पुणे: पेट्रोल ₹104.04 | डीजल ₹90.57
चंडीगढ़: पेट्रोल ₹94.30 | डीजल ₹82.45
इंदौर: पेट्रोल ₹106.48 | डीजल ₹91.88
पटना: पेट्रोल ₹105.58 | डीजल ₹93.80
सूरत: पेट्रोल ₹95.00 | डीजल ₹89.00
नाशिक: पेट्रोल ₹95.50 | डीजल ₹89.50
घर बैठे SMS से ऐसे जानें रेट्स

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अगर आप अपने शहर के सटीक दाम जानना चाहते हैं, तो बिना इंटरनेट के भी सिर्फ एक SMS भेजकर जानकारी पा सकते हैं:
Indian Oil: 'RSP <सिटी कोड>' लिखकर 9224992249 पर भेजें।
BPCL: 'RSP' लिखकर 9223112222 पर भेजें।
HPCL: 'HP Price' लिखकर 9222201122 पर भेजें।
क्यों बदलते हैं हर दिन दाम?

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भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें डायनेमिक फ्यूल प्राइसिंग के तहत तय होती हैं। इसमें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमत, डॉलर-रुपये का विनिमय दर, एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन और राज्यों द्वारा लगाया जाने वाला वैट (VAT) शामिल होता है।
क्या है OPEC+ और इसकी पावर?

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ओपेक (OPEC) 13 देशों का एक समूह है, जिसमें सऊदी अरब सबसे प्रभावशाली है। जब इसमें रूस जैसे 10 और देश मिल जाते हैं, तो यह OPEC+ बन जाता है। दुनिया के कुल कच्चे तेल का लगभग 40% उत्पादन यही देश करते हैं। अगर ये देश उत्पादन घटा दें, तो सप्लाई कम हो जाती है और कीमतें रॉकेट की तरह ऊपर भागती हैं।
भारत के लिए क्यों है यह सिरदर्दी?

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भारत अपनी जरूरत का 85% कच्चा तेल आयात (Import) करता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल डॉलर में खरीदा जाता है। अगर ओपेक उत्पादन कम करता है, तो तेल महंगा होता है और भारतीय रुपया कमजोर पड़ता है। नतीजा? आपके शहर में पेट्रोल के दाम बढ़ जाते हैं।
वर्तमान संकट: मिडिल ईस्ट वॉर और हॉर्मुज का खतरा

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मौजूदा समय में ईरान और इजरायल के बीच बढ़ता तनाव सबसे बड़ा फैक्टर है। दुनिया का 20% तेल इसी समुद्री रास्ते से गुजरता है। अगर युद्ध की वजह से यह रास्ता बंद हुआ, तो कच्चे तेल की कीमत $120 से $150 प्रति बैरल तक जा सकती है। इसका मतलब है भारत में पेट्रोल का 110-120 के पार जाना।
रूस-यूक्रेन फैक्टर और भारत की स्मार्ट डील

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पिछले दो सालों में भारत ने रूस से भारी डिस्काउंट पर तेल खरीदकर अपनी अर्थव्यवस्था को संभाला है। लेकिन अब ओपेक के नए दबाव और पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों की वजह से वह डिस्काउंट धीरे-धीरे कम हो रहा है, जो आने वाले समय में घरेलू कीमतों को बढ़ा सकता है।
आम आदमी पर चेन रिएक्शन का असर

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तेल महंगा होने का मतलब सिर्फ पेट्रोल-डीजल नहीं है। ट्रक का किराया बढ़ेगा। फल और अनाज की ढुलाई महंगी होगी। एयरोप्लेन फ्यूल (ATF) महंगा होने से टिकट के दाम बढ़ेंगे।