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अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में मचे कोहराम के बीच भारतीय तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने आज सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल के नए रेट जारी कर दिए हैं। राहत की बात यह है कि मुख्य ईंधन (Standard Petrol/Diesel) की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। सरकार के संकेतों के अनुसार, कंपनियां फिलहाल वैश्विक अस्थिरता का बोझ खुद उठा रही हैं ताकि आम जनता को अचानक प्राइस शॉक न लगे।
प्रीमियम पेट्रोल (XP95/Power) हुआ महंगा

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भले ही साधारण पेट्रोल के दाम स्थिर हों, लेकिन हाई-ऑक्टेन यानी प्रीमियम पेट्रोल इस्तेमाल करने वालों की जेब पर बोझ बढ़ गया है। तेल कंपनियों ने XP95 और Power जैसे प्रीमियम वेरिएंट्स की कीमतों में ₹2 से ₹2.30 प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की है। कई आउटलेट्स पर इंडियन ऑयल का XP95 अब लगभग ₹101.80 प्रति लीटर पर पहुंच गया है।
वैश्विक संकट और होर्मुज का डर

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मध्य-पूर्व (West Asia) में जारी संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा सप्लाई चेन को हिला कर रख दिया है। दुनिया के कुल तेल का लगभग 20% हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से होकर गुजरता है। युद्ध के कारण इस रूट में बाधा आने की आशंका से तेल की कीमतें $115 के पार चली गई थीं, हालांकि अब इनमें थोड़ी नरमी देखी जा रही है।
आज पेट्रोल डीजल का भाव

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नई दिल्ली: 94.72(पेट्रोल), 87.62 (डीजल)
मुंबई: 104.21(पेट्रोल), 92.15 (डीजल)
कोलकाता: 103.94(पेट्रोल), 90.76 (डीजल)
चेन्नई: 100.75(पेट्रोल), 92.34 (डीजल)
अहमदाबाद: 94.49(पेट्रोल), 90.17 (डीजल)
बेंगलुरु: 102.92(पेट्रोल), 89.02 (डीजल)
हैदराबाद: 107.46(पेट्रोल), 95.70 (डीजल)
जयपुर: 104.72(पेट्रोल), 90.21 (डीजल)
लखनऊ: 94.69(पेट्रोल),87.80 (डीजल)
पुणे: 104.04(पेट्रोल),90.57 (डीजल)
चंडीगढ़: 94.30(पेट्रोल), 82.45 (डीजल)
इंदौर: 106.48(पेट्रोल), 91.88 (डीजल)
पटना: 105.58(पेट्रोल), 93.80 (डीजल)
सूरत: 95.00(पेट्रोल), 89.00 (डीजल)
नाशिक: 95.50(पेट्रोल), 89.50 (डीजल)
क्यों अलग-अलग होते हैं शहरों में दाम?

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भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय क्रूड और डॉलर के मुकाबले रुपये की वैल्यू पर निर्भर करती हैं। इसके अलावा, अलग-अलग राज्यों में लगने वाले VAT (वैल्यू ऐडेड टैक्स) और माल ढुलाई (Freight Charges) की वजह से एक शहर से दूसरे शहर की कीमतों में अंतर होता है।
क्या अब साधारण पेट्रोल-डीजल की बारी है?

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फिलहाल, तेल कंपनियां महंगाई की चिंताओं को देखते हुए आम जनता द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले ईंधन के दाम बढ़ाने से बच रही हैं। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक $115-$120 के ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं, तो कंपनियों के लिए इस घाटे को सहना मुश्किल हो जाएगा। ऐसे में आने वाले दिनों में साधारण पेट्रोल-डीजल की कीमतों में संशोधन की पूरी संभावना है।
भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें तय करने वाले 5 बड़े कारण :

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कच्चे तेल की कीमतें (Crude Oil): यह सबसे बड़ा कारण है, क्योंकि भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है।
एक्सचेंज रेट (USD vs INR): डॉलर के मुकाबले रुपया जितना कमजोर होगा, कच्चा तेल खरीदना उतना ही महंगा पड़ेगा। हाल ही में रुपये के ₹95 के पार जाने से आयात लागत बढ़ गई है।
टैक्स (Excise Duty & VAT): पेट्रोल की रिटेल कीमत का एक बड़ा हिस्सा केंद्र की एक्साइज ड्यूटी और राज्यों के वैट (VAT) से तय होता है। यही कारण है कि अलग-अलग शहरों में दाम अलग होते हैं।
रिफाइनिंग कॉस्ट: कच्चे तेल को पेट्रोल-डीजल में बदलने का खर्च भी अंतिम कीमत को प्रभावित करता है।
डिमांड और सप्लाई: बाजार में ईंधन की मांग और आपूर्ति की स्थिति भी कीमतों की दिशा तय करती है।