अगर आपके पास पैन कार्ड (PAN Card) है या आप नया बनवाने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए नया नियम जानना बेहद जरूरी है। देश के वित्तीय ढांचे को मजबूत करने और टैक्स चोरी रोकने के लिए आयकर विभाग ने इनकम टैक्स रूल्स 2026 के तहत पैन कार्ड की पूरी व्यवस्था को अपग्रेड कर दिया है। अब न केवल नए आवेदन के फॉर्म बदल गए हैं, बल्कि बड़े वित्तीय लेन-देन के लिमिट में भी भारी फेरबदल हुआ है। आइए, जानते हैं कि 1 जून से आपकी जेब और पैन कार्ड पर क्या असर होने जा रहा है।
पुराने फॉर्म 49A और 49AA इतिहास बने, आए 4 नए फॉर्म!

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यदि आप नया पैन कार्ड अप्लाई कर रहे हैं, तो ध्यान दें कि अब पुराने आवेदन फॉर्म (Form 49A और Form 49AA) पूरी तरह बंद हो चुके हैं। भारतीय नागरिकों के लिए अब विशेष रूप से Form 93 और भारतीय कंपनियों/संस्थाओं के लिए Form 94 लागू किया गया है। वहीं विदेशी नागरिकों के लिए Form 95 और विदेशी कंपनियों के लिए Form 96 अनिवार्य कर दिया गया है। पुराने फॉर्म में किया गया कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं होगा।
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नाम में जरा सी भी गड़बड़ तो तुरंत रिजेक्ट होगा आवेदन!

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अब आयकर विभाग ने पैन डेटा का वेरिफिकेशन पूरी तरह ऑटोमैटिक (डिजिटल सिस्टम) कर दिया है। पहले नाम की स्पेलिंग में मामूली अंतर होने पर भी फॉर्म स्वीकार कर लिया जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। आपके पैन आवेदन का नाम, जेंडर और जन्मतिथि आपके आधार डेटाबेस से हूबहू (अक्षर-दर-अक्षर) मैच होनी चाहिए। एक स्पेस या सिंगल कैरेक्टर की भी गलती हुई, तो फॉर्म तुरंत रिजेक्ट हो जाएगा।
प्रॉपर्टी डील और गाड़ी खरीदने वालों के लिए बड़ी राहत (बदली लिमिट्स)

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नए नियमों में छोटे और मध्यम वर्ग के टैक्सपेयर्स को कुछ बड़ी राहतें भी दी गई हैं। अचल संपत्ति की खरीद-बिक्री में पैन कार्ड अनिवार्य करने की सीमा को ₹10 लाख से बढ़ाकर सीधे ₹20 लाख कर दिया गया है। वहीं अब ₹5 लाख से अधिक की कीमत वाले वाहनों (जिसमें अब दो-पहिया वाहन भी शामिल हैं) की खरीद पर ही पैन की अनिवार्यता होगी। ट्रैक्टर को इस दायरे से बाहर रखा गया है। होटल, बैंक्वेट हॉल या इवेंट मैनेजर को कैश पेमेंट करने की सीमा ₹50,000 से बढ़ाकर अब ₹1 लाख कर दी गई है।
फॉर्म 60 की जगह आया नया फॉर्म 97; कैश जमा करने के नियम बदले

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जिन लोगों के पास पैन कार्ड नहीं होता था, वे वित्तीय लेन-देन के लिए अब तक Form 60 भरते थे। अब उसकी जगह नया Form 97 लागू कर दिया गया है। हालांकि, 45 लाख रुपये से ऊपर की किसी भी बड़ी प्रॉपर्टी डील में पैन कार्ड होना अब पूरी तरह अनिवार्य है, वहां Form 97 भी काम नहीं आएगा। दैनिक आधार पर बैंकों में 50000 रुपये से अधिक जमा करने पर पैन की दैनिक अनिवार्यता में बदलाव करते हुए, अब सालाना ₹10 लाख से अधिक के संचयी (Cumulative) कैश डिपॉजिट या विड्रॉल पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।