मिडिल ईस्ट जंग के बीच आई दिल खुश करने वाली खबर, देश में अनाज की जबरदस्त पैदावार; गेहूं और चावल तोड़ेंगे रिकॉर्ड
दुनिया में जहां युद्ध के बादलों ने ऊर्जा संकट (Energy Crisis) का डर पैदा कर दिया है, वहीं भारत के खेत एक नई सफेद और सुनहरी क्रांति की गवाही दे रहे हैं. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 2025-26 के लिए जो दूसरा अग्रिम अनुमान जारी किया है, वह हर भारतीय के लिए गर्व की बात है.

रिकॉर्ड तोड़ खाद्यान्न, खुशहाल भारत की तस्वीर
2 / 6अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच भारत की खाद्य सुरक्षा का सुरक्षा कवच तैयार है. साल 2025-26 में खरीफ और रबी सीजन का संयुक्त खाद्यान्न उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर है. पिछले साल के मुकाबले हमने 3% से ज्यादा की छलांग लगाई है.
चावल और गेहूं- देश की थाली का बादशाह
3 / 6भारत की थाली सुरक्षित है. खरीफ चावल 1239.28 लाख मीट्रिक टन के रिकॉर्ड स्तर पर है, वहीं गेहूं का उत्पादन 1202.10 लाख मीट्रिक टन को पार कर गया है. ये आंकड़े बताते हैं कि हम न केवल अपनी जरूरतें पूरी कर रहे हैं, बल्कि विश्व को खिलाने का दम रखते हैं.
दालों का दमदार प्रोडक्शन
4 / 6दालों की बढ़ती कीमतें अब नहीं डराएंगी. चने का रिकॉर्ड 117.92 लाख मीट्रिक टन उत्पादन और अरहर-मसूर की मजबूत पैदावार यह सुनिश्चित करती है कि रसोई का बजट बिगड़ने नहीं पाएगा. दाल है, तो खुशहाली है.
वैश्विक संकट बनाम भारतीय सुरक्षा कवच
5 / 6मिडिल ईस्ट में ईरान-इजरायल युद्ध से भले ही तेल और खाद की कीमतें ऊपर-नीचे हों, लेकिन भारत का बंपर उत्पादन एक सुरक्षा कवच की तरह है. अनाज की कोई कमी नहीं होगी और घरेलू कीमतें नियंत्रण में रहेंगी.
शिवराज सिंह चौहान का मिशन आत्मनिर्भरता
6 / 6कृषि मंत्रालय के इस दूसरे अग्रिम अनुमान को मंजूरी देते हुए मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट कर दिया है, भारत का लक्ष्य सिर्फ उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर और विकसित कृषि व्यवस्था बनाना है.
.png)