एक्सपर्ट के अनुसार, रिफंड पाने के चक्कर में इनकम टैक्स रिटर्न भरते समय जल्दबाजी न करें। 15 जून 2026 से पहले ITR भरने की गलती करना आपकी परेशानी को बढ़ा सकता हे। नोटिस झेलना पड़ सकता है। गलत टैक्स कैलकुलेशन और रिवाइज्ड रिटर्न जैसी परेशानी भी उठानी पड़ सकती है।
जल्दबाजी में छूट सकती अहम डिटेल्स

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इनकम टैक्स रिटर्न जल्दबाजी में भरने पर आवश्यक जानकारियां छूट सकती हैं, जैसे बैंक से मिलने वाला ब्याज, FD की इनकम, शेयर मार्केट या दूसरे निवेश की जानकारी छूट सकती है। कई बार इनकम टैक्स रिटर्न भरने के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट्स और डेटा भी जून तक अपडेट नहीं होते हैं।
रिकॉर्ड मैच नहीं हुआ तो नोटिस आएगा

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अगर इनकम टैक्स रिटर्न भरने समय कोई गलती हो जाए या कोई इनकम रिपोर्ट नहीं होती तो वह आयकर विभाग के रिकॉर्ड से मैच नहीं होगी। ऐसा होने पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट नोटिस भेज सकता है। TDS भी पूरी तरह अपडेट नहीं होने से रिफंड कम मिल सकता है या टैक्स ज्यादा दिख सकता है।
कंपनियां फॉर्म जारी करने में देरी करतीं

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इनकम टैक्स रिटर्न भरने के लिए कई फॉर्म चाहिए, जिन्हें कई कंपनियां जून के पहले या दूसरे हफ्ते में जारी करती हैं। बैंकों में TDS डेटा अपडेट करने में भी समय लग सकता है। इसलिए जब तक फॉर्म न मिल जाएं और TDS का डेटा अपडेट न हो जाए, तब तक ITR न भरें।
गलत ITR मतलब रिवाइज्ड रिटर्न फाइलिंग

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इनकम टैक्स रिटर्न को जितना सोच-समझकर भरेंगे, उतना ही फायदे में रहेंगे। क्योंकि अगर आयकर विभाग के डेटा से रिकॉर्ड मैच नहीं हुआ तो रिवाइज्ड रिटर्न भरना पड़ सकता है। जल्दी रिफंड लेने के चक्कर में प्रोसेस लंबा हो सकता है। रिफंड अटकने से नुकसान हो सकता है।
ITR भरते समय रखें इन बातों का ध्यान

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इनकम टैक्स रिटर्न भरने से पहले कंपनी से फॉर्म लें। AIS अपडेट है या नहीं, जरूर चेक करें। फॉर्म 26AS में TDS मैच करें। बैंक से पता करें कि TDS का डेटा अपडेट है या नहीं। बैंक ब्याज का डेटा और दूसरी इनकम का रिकॉर्ड मेंटेन करें। सबसे जरूरी बात सही टैक्स रिजीम चुनें।