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पिछले कुछ महीनों से देश के लाखों केंद्रीय सरकारी कर्मचारी और पेंशनर्स 8वें वेतन आयोग के लागू होने का इंतजार कर रहे हैं. इस आयोग का उद्देश्य कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में संशोधन करना है. इसी बीच कर्मचारी यूनियनों की कई मांगों के बीच एक बड़ा मुद्दा महंगाई भत्ता (DA) के कैलकुलेशन फॉर्मूले में बदलाव को लेकर सामने आया है. माना जा रहा है कि अगर सरकार इसे लागू करती है, तो कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिलेगी. इसके अलावा पूरे देश में जीवन-यापन की लागत का सही आकलन करना भी मुश्किल है, क्योंकि शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में खर्च काफी अलग-अलग होता है.
बदलाव की मांग क्यों?

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DA सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स की सैलरी का एक अहम हिस्सा होता है. इसे महंगाई के आंकड़ों के आधार पर तय किया जाता है. यूनियनों का कहना है कि मौजूदा फॉर्मूला आज के समय में वास्तविक खर्चों को सही तरीके से नहीं बताता है. परंपरागत रूप से केंद्र सरकार साल में दो बार (होली और दिवाली के आसपास) DA में संशोधन करती है. पिछले साल ये बढ़ोतरी 28 मार्च को की गई थी. इसी पैटर्न को देखते हुए इस साल भी मार्च के अंत या अप्रैल की शुरुआत तक घोषणा होने की उम्मीद है. ये बढ़ोतरी 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होगी यानी पिछली अवधि का एरियर भी मिलेगा.
यूनियनों की क्या है मांग?

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AITUC समेत कई यूनियनों का मानना है कि वर्तमान सिस्टम घर-परिवार के असली खर्चों को कम करके आंकती है. उनका कहना है कि DA का फॉर्मूला वर्षों से नहीं बदला गया है, जबकि जीवन-यापन की लागत लगातार बढ़ी है. यूनियनों ने 3 सदस्यों के बजाय 5 सदस्यों के परिवार को आधार बनाने की मांग की है. इसके अलावा इंटरनेट, डिजिटल सर्विस, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे आधुनिक खर्चों को भी शामिल करने की बात कही गई है. साथ ही, DA को बेसिक सैलरी में जोड़ने, पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करने और बेहतर फिटमेंट फैक्टर लागू करने की मांग भी उठाई गई है.
अभी कितना बढ़ सकता है DA

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फिलहाल DA 58% है, ये पिछले साल जुलाई से लागू है. ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI-IW) के आंकड़ों के आधार पर इसमें 2% बढ़ोतरी लगभग तय मानी जा रही है. अब ये 60% तक पहुंच सकता है. हालांकि, 3% बढ़ोतरी की संभावना भी जताई जा रही है. सरकारी सूत्रों के अनुसार, सरकार वेतन आयोग के बजाय कोई नया फॉर्मूला भी ला सकती है जिससे कर्मचारियों की सैलरी हर साल महंगाई के अनुपात में बढ़ती रहे. फिलहाल, सभी की नजरें अगले बजट और कैबिनेट की बैठकों पर टिकी हैं.
इसका क्या असर पड़ेगा?

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8वें वेतन आयोग को 1 जनवरी 2026 से लागू किए जाने की संभावना है. अगर सरकार यूनियनों की मांग मान लेती है, तो इसका बड़ा असर देखने को मिल सकता है. कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में बढ़ोतरी हो सकती है. 3 की जगह 5 यूनिट लागू होने पर न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये से बढ़कर 30,000 रुपये से ज्यादा हो सकता है. बेसिक सैलरी बढ़ने से DA भी ज्यादा मिलेगा और भविष्य में बड़ी बढ़ोतरी भी होगी. पेंशनर्स को भी इसका फायदा मिलेगा, क्योंकि पेंशन आखिरी सैलरी से जुड़ी होती है और महंगाई राहत (DR) भी DA के साथ बढ़ती है.