Hyderabad Petrol Crisis: क्या हैदराबाद में 3 दिन बंद रहेंगे पेट्रोल पंप? नो स्टॉक बोर्ड और लंबी कतारों का क्या है सच; जानें सरकार का जवाब

Hyderabad Petrol Issue: हैदराबाद में पेट्रोल की किल्लत और 3 दिनों तक पंप बंद रहने की खबरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं, जिससे शहर में पैनिक बाइंग (घबराहट में खरीदारी) की स्थिति बन गई है। लंबी कतारों और नो स्टॉक के बोर्ड देखकर लोग परेशान हैं। यहां इस वायरल खबर का सच (Fact Check) और फोटो गैलरी के लिए पूरा कंटेंट दिया गया है:

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Petrol Shortage : हैदराबाद में पेट्रोल संकट- क्या है अफवाह और क्या है हकीकत? सोशल मीडिया पर 3 दिन की बंदी की खबरों ने मचाया हड़कंप, लेकिन सच कुछ और ही है! पुलिस और प्रशासन ने जारी की बड़ी चेतावनी। क्या वाकई खत्म हो गया है तेल या यह केवल पैनिक है? देखिए हमारी विशेष फोटो गैलरी।

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सोशल मीडिया पर पेट्रोल किल्लत का शोर

सोशल मीडिया पर पेट्रोल किल्लत का शोर2 / 8

हैदराबाद में पिछले 24 घंटों से सोशल मीडिया पर यह खबर वायरल है कि शहर के पेट्रोल पंप 3 दिनों के लिए बंद होने वाले हैं। इस अफवाह के चलते पेट्रोल पंपों पर आधी रात तक भारी भीड़ देखी गई। लोग अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल कराने के लिए घंटों इंतजार कर रहे हैं।

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क्यों लगे नो स्टॉक (No Stock) के बोर्ड?

क्यों लगे नो स्टॉक (No Stock) के बोर्ड? 3 / 8

शहर के कई इलाकों जैसे उप्पल, अत्तपुर और पुराने शहर में 'नो स्टॉक' के बोर्ड दिखाई दिए। लेकिन डीलर्स का कहना है कि यह तेल की कमी नहीं, बल्कि 'पैनिक बाइंग' का नतीजा है। अचानक मांग बढ़ने से पंपों का स्टॉक डिलीवरी आने से पहले ही खत्म हो गया।

क्या है असली वजह? (लॉजिस्टिक्स बनाम किल्लत)

क्या है असली वजह? (लॉजिस्टिक्स बनाम किल्लत) 4 / 8

तेलंगाना पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन (TPDA) के अनुसार, रविवार और रमजान की छुट्टी एक साथ होने के कारण डिपो से सप्लाई में मामूली देरी हुई। साथ ही, तेल कंपनियों के नए 'एडवांस पेमेंट' नियम की वजह से कुछ डीलर्स समय पर स्टॉक नहीं मंगा सके। यह एक तकनीकी समस्या है, तेल की कमी नहीं।

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सरकार का सख्त रुख: अफवाहों पर न दें ध्यान

सरकार का सख्त रुख: अफवाहों पर न दें ध्यान5 / 8

हैदराबाद के पुलिस कमिश्नर और जिला कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि तेलंगाना में पेट्रोल, डीजल या LPG की कोई कमी नहीं है। उन्होंने जनता से अपील की है कि सोशल मीडिया की फर्जी खबरों पर भरोसा न करें और बेवजह भीड़ न लगाएं।

पैनिक बाइंग से पैदा हो रही कृत्रिम किल्लत

पैनिक बाइंग से पैदा हो रही कृत्रिम किल्लत6 / 8

प्रशासन का कहना है कि जब हर कोई अपनी टंकी फुल कराने और बोतलों में तेल भरने लगता है, तो 'आर्टिफिशियल स्कैरसिटी' (कृत्रिम कमी) पैदा हो जाती है। नागरिक आपूर्ति विभाग ने चेतावनी दी है कि जमाखोरी या कालाबाजारी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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हॉर्मुज संकट और वैश्विक युद्ध का साया

हॉर्मुज संकट और वैश्विक युद्ध का साया7 / 8

लोग इसलिए भी डरे हुए हैं क्योंकि मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण कच्चे तेल की सप्लाई बाधित होने की खबरें आ रही हैं। हालांकि, केंद्र सरकार ने आश्वस्त किया है कि भारत के पास 60 से 90 दिनों का पर्याप्त तेल भंडार मौजूद है।

1967 टोल-फ्री नंबर पर करें शिकायत

1967 टोल-फ्री नंबर पर करें शिकायत8 / 8

अगर कोई पेट्रोल पंप जानबूझकर तेल नहीं दे रहा है या कालाबाजारी कर रहा है, तो नागरिक आपूर्ति विभाग के टोल-फ्री नंबर 1967 पर शिकायत की जा सकती है। सभी 181 पेट्रोल पंपों को पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

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लेखक के बारे में

Vandana Bharti

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.
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