साल 2026 की पहली तिमाही में देश के बड़े शहरों में घर खरीदना और महंगा हो गया है. प्रॉपटाइगर की रिपोर्ट के मुताबिक बेंगलुरु, मुंबई, दिल्ली-NCR समेत सभी बड़े शहरों में मकानों की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है. सबसे ज्यादा 24% की बढ़ोतरी बेंगलुरु में हुई है, जबकि मुंबई अब भी सबसे महंगा रियल एस्टेट बाजार बना हुआ है.
बेंगलुरु बना सबसे तेजी से बढ़ता बाजार

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रिपोर्ट के मुताबिक, बेंगलुरु में घरों की औसत कीमतों में 24% की सालाना बढ़ोतरी हुई है. प्रति वर्ग फुट औसत कीमत करीब 9,785 रुपये तक पहुंच गई है. आईटी सेक्टर, स्टार्टअप इकोसिस्टम और ग्लोबल कंपनियों की मौजूदगी को इस बढ़ोतरी की बड़ी वजह माना जा रहा है.
मुंबई अब भी सबसे महंगा शहर

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मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) देश का सबसे महंगा आवासीय बाजार बना हुआ है. यहां घरों की औसत कीमत करीब 15,120 रुपये प्रति वर्ग फुट तक पहुंच गई है. रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई में सालाना तौर पर 20% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
दिल्ली-NCR में भी तेजी

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दिल्ली-एनसीआर के रियल एस्टेट बाजार में भी मजबूत बढ़ोतरी देखने को मिली है. यहां औसत घरों की कीमतों में 18% की बढ़ोतरी हुई और प्रति वर्ग फुट औसत दर 9,534 रुपये तक पहुंच गई. बेहतर कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स इस बढ़ोतरी को समर्थन दे रहे हैं.
पुणे और हैदराबाद में बढ़ी मांग

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पुणे में आवासीय कीमतों में 12% और हैदराबाद में 11% की बढ़ोतरी दर्ज की गई. दोनों शहर आईटी और कॉर्पोरेट सेक्टर के विस्तार का फायदा उठा रहे हैं, जिससे घरों की मांग लगातार बढ़ रही है.
अहमदाबाद, कोलकाता और चेन्नई में क्या हाल?

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अहमदाबाद में 8%, कोलकाता में 7% और चेन्नई में 3% की बढ़ोतरी दर्ज की गई. रिपोर्ट में बताया गया है कि आठ बड़े शहरों का Combined Average Residential Price पहली बार 10,000 रुपये प्रति वर्ग फुट के आंकड़े को पार कर गया है. ये भारतीय रियल एस्टेट बाजार की मजबूती और बढ़ती मांग का संकेत माना जा रहा है.