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अगर आप भी अक्सर हवाई सफर करते हैं, तो 26 मार्च की तारीख अपने कैलेंडर में मार्क कर लीजिए. अक्सर ऐसा होता है कि हम जल्दबाजी में टिकट बुक करते हैं और बाद में पता चलता है कि नाम की स्पेलिंग गलत हो गई या प्लान ही बदल गया. ऐसे में टिकट कैंसिल कराते वक्त मिलने वाला रिफंड देखकर दिल टूट जाता था. लगता था जैसे आधे से ज्यादा पैसा तो एयरलाइंस ने ही रख लिया. लेकिन अब यात्रियों के अच्छे दिन आने वाले हैं. DGCA ने हवाई सफर के नियमों में एक बड़ा फेरबदल किया है, जो सीधे आपकी जेब को राहत देगा. अब न तो नाम सुधारने के लिए मोटी रकम देनी होगी और न ही रिफंड के लिए हफ्तों इंतजार करना होगा. आइए, समझते हैं कि 26 मार्च 2026 से हवाई टिकट रिफंड से जुड़े वे कौन से बदलाव हैं, जो आपके सफर को बेफिक्र बनाने वाले हैं.
48 घंटे का फ्री कैंसिलेशन

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अब टिकट बुक करने के बाद आपको 48 घंटे का लुक-इन समय मिलेगा. इस दौरान आप अपना टिकट बिना किसी कैंसिलेशन चार्ज के कैंसिल या बदल (Amend) सकते हैं. यह नियम तभी लागू होगा जब आपकी फ्लाइट की उड़ान में कम से कम 7 दिन (घरेलू) या 15 दिन (इंटरनेशनल) का समय बचा हो. अगर आप टिकट बदलते हैं, तो सिर्फ किराए का अंतर (Fare Difference) देना होगा, कोई पेनल्टी नहीं.
नाम की गलती सुधारना अब मुफ्त

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अगर टिकट बुक करते समय नाम की स्पेलिंग में गलती हो गई है, तो अब घबराने की जरूरत नहीं है. टिकट बुक करने के 24 घंटे के भीतर अगर आप गलती बताते हैं, तो एयरलाइंस इसके लिए कोई चार्ज नहीं वसूलेंगी. यह सुविधा तभी मिलेगी जब टिकट सीधे एयरलाइन की वेबसाइट से बुक किया गया हो.
रिफंड के लिए डेडलाइन तय

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अक्सर रिफंड आने में हफ्तों लग जाते थे, लेकिन अब समय सीमा तय कर दी गई है. क्रेडिट कार्ड से बुकिंग की है तो कैंसिलेशन के 7 दिनों के भीतर पैसा वापस करना होगा. नकद (Cash) से टिकट खरीदने वालों को एयरलाइन काउंटर से तुरंत रिफंड मिलेगा. वहीं एजेंट/पोर्टल के जरिए टिकट खरीदी है तो एयरलाइन को 14 दिनों के भीतर रिफंड प्रोसेस करना होगा.
क्रेडिट शेल अब आपकी मर्जी

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अब एयरलाइंस आपकी मर्जी के बिना आपके पैसे को क्रेडिट शेल या वाउचर में नहीं रख सकेंगी. पैसे वापस चाहिए या वाउचर, यह पूरी तरह यात्री का फैसला होगा.
मेडिकल इमरजेंसी में बड़ी राहत

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अगर यात्री या उसके परिवार का कोई सदस्य (जो एक ही PNR पर हो) बीमार हो जाता है और अस्पताल में भर्ती होता है, तो एयरलाइंस को फुल रिफंड या क्रेडिट शेल देना होगा. इसके लिए बस डॉक्टर का सर्टिफिकेट दिखाना होगा.
टैक्स का पूरा रिफंड

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अगर आप किसी कारणवश सफर नहीं कर पाते (No-show), तो भी एयरलाइंस को User Development Fee (UDF), Airport Development Fee (ADF) और Passenger Service Fee (PSF) जैसे सभी सरकारी टैक्स वापस करने होंगे. यह नियम नॉन-रिफंडेबल टिकटों पर भी लागू होगा.
हवाई टिकट खरीदते समय यह याद रखें

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कैंसिलेशन चार्जेस अब किसी भी हाल में बेसिक फेयर + फ्यूल सरचार्ज से ज्यादा नहीं हो सकते. टिकट बुक करते समय हमेशा नियमों को ध्यान से पढ़ें, क्योंकि 26 मार्च के बाद आपकी ताकत बढ़ने वाली है.