8th Pay Commission Arrears: 5 लाख या 14 लाख? जानें कर्मचारियों को कितना मिल सकता है बकाया एरियर; क्या है पूरा गणित
8th Pay Commission: फिटमेंट फैक्टर 3.68 हुआ तो न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये से बढ़कर 66,240 रुपये हो जाएगी। जानिए निचले और शीर्ष स्तर पर कितना मिल सकता है एरियर।

8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन की घोषणा के बाद से ही केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच सैलरी और पेंशन में होने वाली बढ़ोतरी को लेकर उत्सुकता चरम पर है. हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक विस्तृत सिफारिशों और इसे लागू करने की समय-सीमा की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है. इस बीच, सोशल मीडिया पर एरियर (Arrears) को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं, जिनमें एरियर की राशि ₹5 लाख से ₹14 लाख तक होने की बात कही जा रही है. आइए, समझते हैं कि इन दावों के पीछे का गणित और एरियर की टाइमलाइन क्या है।
10 साल का नियम और एरियर की टाइमलाइन: कब से लागू हो सकता है नया नियम?
2 / 6आमतौर पर केंद्र सरकार हर 10 साल में एक नए केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करती है। पिछला 7वां वेतन आयोग 1 जनवरी, 2016 से प्रभावी हुआ था, जिसके चलते कर्मचारी 1 जनवरी, 2026 से ही 8वें वेतन आयोग के लागू होने की उम्मीद कर रहे हैं। सरकार ने अभी प्रभावी तारीख की पुष्टि नहीं की है. लेकिन, अगर नए वेतन ढांचे को जनवरी 2026 से ही बैकडेट (भूतलक्षी प्रभाव) से लागू माना जाता है और नए ऊंचे वेतन का वास्तविक भुगतान अप्रैल 2027 से शुरू होता है, तो कर्मचारी लगभग 15 महीनों के एरियर के हकदार हो सकते हैं।
फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) पर टिकीं नजरें, यूनियनों की है ₹3.68 की मांग
3 / 6कर्मचारियों को मिलने वाला अंतिम एरियर पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करेगा कि केंद्र सरकार किस फिटमेंट फैक्टर को मंजूरी देती है। पहले जहां 1.92 या 2.51 के मल्टीप्लायर (गुणांक) पर चर्चा हो रही थी, वहीं अब कर्मचारी यूनियनें सरकार पर 3.68 का फिटमेंट फैक्टर मंजूर करने के लिए लगातार दबाव बना रही हैं। इस फिटमेंट फैक्टर की मंजूरी मिलने पर ही सैलरी में बंपर उछाल देखने को मिलेगा।
न्यूनतम सैलरी वालों का गणित: कैसे करीब ₹5 लाख पहुंच सकता है एरियर?
4 / 6अगर सरकार यूनियनों की मांग के अनुसार 3.68 का फिटमेंट फैक्टर मान लेती है, तो सबसे निचले वेतन स्तर (Lowest Pay Level) के कर्मचारियों की मौजूदा बेसिक सैलरी ₹18,000 से बढ़कर सीधे ₹66,240 हो जाएगी। इस बदलाव से हर महीने के वेतन में ₹48,240 का अंतर आएगा। अगर इसमें महंगाई भत्ते (DA) को शामिल न भी किया जाए, तो केवल 10 महीनों का एरियर ही लगभग ₹4.82 लाख बन जाता है, जो कि ₹5 लाख के आंकड़े के बेहद करीब है।
उच्च स्तर के अधिकारियों की मौज: एरियर आसानी से पार कर जाएगा ₹14 लाख
5 / 6दूसरी ओर, सबसे उच्चतम वेतन स्तर पर मौजूद कैबिनेट सचिव (Cabinet Secretary) की मौजूदा बेसिक सैलरी ₹2.5 लाख से बढ़कर सीधे ₹9.2 लाख हो जाएगी। इस बढ़ोतरी से उनके मासिक वेतन में ₹6.7 लाख का भारी अंतर आएगा। ऐसी स्थिति में, यदि नई सैलरी के भुगतान में महज दो महीने से थोड़े से अधिक समय की भी देरी होती है, तो उनका बकाया एरियर आसानी से ₹14 लाख के पार निकल जाएगा।
डिस्क्लेमर
6 / 6यह पूरी गणना यूनियनों की मांगों और अनुमानों पर आधारित है, न कि सरकार की किसी आधिकारिक सिफारिश पर।