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Uterine Cancer Symptoms: महिलाओं को होने वाले कैंसर में गर्भाशय का कैंसर भी आता है. इसे आम भाषा में बच्चेदानी का कैंसर (Bachedani Ka Cancer) भी कहते हैं. यूट्राइन कैंसर या यूट्रस का कैंसर (Uterus Cancer) वो कैंसर है जिसमें कैंसर के एब्नॉर्मल सेल्स गर्भाशय में पनपते हैं और यहां से शरीर के अन्य हिस्सों में पहुंच सकते हैं. यह कैंसर 2 तरह का होता है, पहला है एंडोमेट्रियल कैंसर जो गर्भाशय की परत पर होता है, यह सामान्य कैंसर है. दूसरा रेयर कैंसर होता है यूट्राइन सरकोमास जोकि मसल्स की टिशूज में पनपता है. ऐसे में गर्भाशय का कैंसर होने पर शरीर पर कौन-कौन से लक्षण नजर आते हैं और इस कैंसर को किस तरह पहचाना जा सकता है, जानिए यहां.

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गर्भाश्य का कैंसर होने पर महिलाओं को पहले से ज्यादा हैवी पीरियड्स आने लगते हैं जिसमें ब्लीडिंग ज्यादा होती है.

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पीरियड्स ना होने पर भी वैजाइनल ब्लीडिंग (Vaginal Bleeding) हो सकती है. यह कम या ज्यादा हो सकती है.

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बिना रुके ही पीरियड्स आ सकते हैं. कई बार कई-कई दिनों तक पीरियड्स आते हैं और कई बार कुछ ही दिनों में दूसरी पीरियड साइकिल शुरू हो जाती है.

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कुछ मामलों में महिलाओं को वॉटरी डिस्चार्ज भी होता है. गर्भाशय के कैंसर में इस पानी जैसे डिस्चार्ज से बदबू भी आ सकती है.

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बिना कोशिश के भी शरीर का वजन तेजी से कम होने लगता है. इसके अलावा पेट में या पेट के आस-पास दर्द महसूस होने लगता है.

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गर्भाशय के कैंसर में ब्लैडर और बाउल मूवमेंट्स पर भी असर पड़ता है. इसमें पेशाब करने में दिक्कत आने लगती है या सही तरह से ब्लैडर खाली नहीं होता है.