कार में लगती है ज्यादा गर्मी? गाड़ी का रंग तय करता है अंदर का टेम्परेचर; जानें किस कलर में महसूस होगी सबसे ज्यादा तपन

गर्मी के दिनों में कार के अंदर का टेम्परेचर काफी ज्यादा हो जाता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि कार के अंदर का टेम्परेचर उसके कलर यानी की रंग पर भी डिपेंड कर सकता है? जब बाहर का टेम्परेचर 40 डिग्री के पार जाने लगता है तब कार के अंदर का टेम्परेचर भी तेजी से बढ़ने लगता है. ऑटो इंडस्ट्री के एक्सपर्ट्स बताते हैं कि कुछ स्पेशल कलर्स की कारों में लोगों को ज्यादा गर्मी लगती है. तो चलिए आज हम जानेंगे कि कार के वो कौन से रंग हैं जो कार के टेम्परेचर को बढ़ा देते हैं.

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कार के किस रंग का टेम्परेचर कितना होगा?

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कार के किस कलर से अंदर का टेम्परेचर कितना होगा, इसे एक बार देखते हैं. मान लिया जाए कि बाहर का टेम्परेचर 40 डिग्री पहुंच चुका है, तब कार के अंदर का रंगों के हिसाब से तापमान अलग-अलग होगा.

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किस रंग का कितना टेम्परेचर

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जैसे व्हाइट कलर वाली कार के अंदर का टेम्परेचर 42 डिग्री होगा. ग्रीन कलर वाली कार के अंदर का टेम्परेचर 45 डिग्री होगा. सिल्वर कलर वाली कार के अंदर का टेम्परेचर 47 डिग्री होगा. ब्लू कलर वाली कार के अंदर का टेम्परेचर 48 डिग्री होगा. येलो कलर वाली कार के अंदर का टेम्परेचर 50 डिग्री होगा. रेड कलर वाली कार के अंदर का टेम्परेचर 51 डिग्री और ब्लैक कलर वाली कार के अंदर का टेम्परेचर 62 डिग्री होगा.

क्या कहता है साइंस?

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साइंस के मुताबिक, व्हाइट या लाइट कलर्स सूर्य की रौशनी को ज्यादा तेजी से रिफ्लेक्ट करते हैं. दूसरी तरफ ब्लैक या डार्क कलर्स सूर्य की रौशनी को ज्यादा तेजी से एब्जॉर्ब करते हैं. यही कारण है कि व्हाइट, सिल्वर या किसी भी लाइट कलर की कारें कम प्रकाश एब्जॉर्ब करती हैं और ज्यादा रिफ्लेक्ट करती हैं. इससे ऐसी कारों में लोगों को ज्यादा गर्मी नहीं महसूस होती है.

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कलर के हिसाब से अंदर का टेम्परेचर

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बात करें ब्लैक, ब्राउन, ब्लू या कोई भी डार्क कलर की कारें केवल 5% प्रकाश को ही रिफ्लेक्ट करती है. ऐसे कलर्स सूर्य के प्रकाश को ज्यादा एब्जॉर्ब करते हैं. यही वजह है कि इन कलर्स की कारों में लोगों को लाइट कलर की कारों के मुकाबले ज्यादा गर्मी महसूस होती है. गर्मी के दिनों में ब्लैक या डार्क कलर की कार बिना एसी चालू किए सड़कों पर निकालना बहुत मुश्किल होता है. गर्मी में कार को अंदर से ठंडा रखने के लिए आपको ज्यादा एसी चलाना पड़ता है, जिसका असर गाड़ी की माइलेज और परफॉर्मेंस पर पड़ता है.

गर्मी में ज्यादा चलानी पड़ती है कार की एसी

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दूसरी तरफ, इन कलर्स की कारें ठंड के मौसम में कारें ज्यादा माइलेज देने लगती हैं. अगर कार ब्लैक या डार्क कलर की हो तो गर्मियों में आपको ज्यादा तेज एसी चलाना पड़ता है और ज्यादा देर के लिए चालू करके रखना पड़ता है. ऐसे में गाड़ी की माइलेज कम हो जाती है और फ्यूल पर आपका खर्चा बढ़ जाता है. इसके विपरीत हल्के कलर की कार में कम एसी चलाने की वजह से उसकी माइलेज अच्छी रहती है.

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लेखक के बारे में

Versha Singh

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वर्षा स‍िंह News 24 ड‍िजिटल में बतौर सीन‍ियर सब एड‍िटर के पद पर कार्यरत हैं. वर्षा को ड‍िजिटल मीड‍िया में 6 साल से अधि‍क का अनुभव है. राष्‍ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और समसमाय‍िक व‍िषयों पर वर्षा की अच्‍छी पकड़ है. इसके अलावा राजनीत‍िक, क्राइम और ट्रेंडिंग खबरें भी ल‍िखती हैं. वर्षा ने मास्टर इन न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी की पढ़ाई माखन लाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी, भोपाल से की है और जर्नलिज्म एवं मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री लखनऊ विश्वविद्यालय से प्राप्त की है. वर्षा अपने करियर में Jagran New Media, Asia News International (ANI) और ETV Bharat जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुकी हैं. उन्हें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लेखन और समसामयिक घटनाओं, राजनीति, हाइपरलोकल खबरों और मानवीय रुचि से जुड़ी कहानियों को डिजिटल दर्शकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का अनुभव है.
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