हेलमेट कितने साल चलता है, इसे कब बदलना सही? देर होने से पहले जान लें काम की बात

हेलमेट आपको हादसे में बचाता जरूर है, लेकिन अगर वही पुराना या खराब हो जाए तो यह सुरक्षा की जगह खतरा बन सकता है. कई लोग सालों तक एक ही हेलमेट इस्तेमाल करते रहते हैं, तो यहां जानते हैं कितनी होती है एक हेलमेट की उम्र?

Helmet life
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helmet lifespan

 

बाइक चलाते समय हेलमेट पहनना सिर्फ ट्रैफिक नियम मानने के लिए नहीं, बल्कि अपनी जान बचाने के लिए बेहद जरूरी है. यह हादसे के वक्त सिर को गंभीर चोट से बचाता है, लेकिन अगर हेलमेट पुराना या खराब हो जाए, तो वही सुरक्षा कम हो जाती है.

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हेलमेट की उम्र होती है सीमित

हेलमेट की उम्र होती है सीमित2 / 8

हर हेलमेट हमेशा के लिए नहीं चलता. आम तौर पर इसे बनाने की तारीख से 5 साल के अंदर बदल देना चाहिए. अगर आप रोजाना इस्तेमाल करते हैं या ज्यादा सफर करते हैं, तो 3 साल में ही बदलना बेहतर रहता है.

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एक्सीडेंट के बाद तुरंत बदलें हेलमेट

एक्सीडेंट के बाद तुरंत बदलें हेलमेट3 / 8

अगर आपका एक्सीडेंट हो चुका है, तो हेलमेट तुरंत बदल दें. भले ही बाहर से सही दिखे, अंदर से यह कमजोर हो सकता है और अगली बार आपको पूरी सुरक्षा नहीं दे पाएगा.

ढीला फिट अब खतरे का संकेत है

ढीला फिट अब खतरे का संकेत है4 / 8

अगर हेलमेट पहनने पर ढीला महसूस होता है या अंदर की पैडिंग दब गई है, तो समझिए अब यह सुरक्षित नहीं रहा. सही फिट ही हेलमेट की असली ताकत होती है.

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वाइजर खराब तो बढ़ेगा जोखिम

वाइजर खराब तो बढ़ेगा जोखिम5 / 8

वाइजर पर खरोंच या धुंधलापन होने से साफ दिखाई नहीं देता, खासकर रात में. इससे सड़क पर खतरा बढ़ जाता है, इसलिए समय रहते इसे बदलना जरूरी है.

अंदरूनी फोम खराब होना खतरनाक

अंदरूनी फोम खराब होना खतरनाक6 / 8

हेलमेट के अंदर लगा फोम ही असली सुरक्षा देता है. अगर इसमें दरार आ जाए, यह सख्त हो जाए या टूटने लगे, तो हेलमेट अब इस्तेमाल के लायक नहीं रहता.

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स्ट्रैप और बकल की हालत भी जांचें

स्ट्रैप और बकल की हालत भी जांचें7 / 8

अगर स्ट्रैप घिस गया है या बकल ठीक से लॉक नहीं होता, तो हादसे के समय हेलमेट अपनी जगह से हट सकता है. ऐसे में इसे तुरंत बदलना बेहतर है.

बाहरी खोल पर दरार को नजरअंदाज न करें

बाहरी खोल पर दरार को नजरअंदाज न करें8 / 8

हेलमेट के बाहरी हिस्से पर छोटे-छोटे डेंट या दरार भी इस बात का संकेत हैं कि इसकी मजबूती कम हो गई है. ऐसे हेलमेट को इस्तेमाल करना जोखिम भरा हो सकता है.

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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