Wednesday, 21 February, 2024

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Yoga Tips: इन महिलाओं के लिए बेहद फायदेमंद है चेयर योगा पोज, रोज 15 मिनट करने से मिलेंगे कमाल के लाभ, जानें

Yoga Tips: 21 जून 2023 को पूरे विश्व में अंतरराष्ट्रीय योगा दिवस सेलिब्रेट किया जाएगा। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि शारीरिक फिटनेस के लिए रोजाना योगाभ्यास करना सबसे आसान और प्रभावी तरीका है। योग न केवल शरीर को स्वस्थ रखते हैं, साथ ही इसके रोजाना अभ्यास से मानसिक स्वास्थ्य भी बेहतर बना रहता है। शारीरिक-मानसिक फिटनेस […]

Edited By : Bhoopendra Rai | Updated: Jun 19, 2023 16:19
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Yoga Tips Benefits of chair pose in hindi
Yoga Tips Benefits of chair pose in hindi

Yoga Tips: 21 जून 2023 को पूरे विश्व में अंतरराष्ट्रीय योगा दिवस सेलिब्रेट किया जाएगा। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि शारीरिक फिटनेस के लिए रोजाना योगाभ्यास करना सबसे आसान और प्रभावी तरीका है। योग न केवल शरीर को स्वस्थ रखते हैं, साथ ही इसके रोजाना अभ्यास से मानसिक स्वास्थ्य भी बेहतर बना रहता है। शारीरिक-मानसिक फिटनेस को बनाए रखने के लिए उत्कटासन योग यानी चेयर पोज का नियमित अभ्यास बेहद लाभकारी है। यह हाथ पैर, जांघ और कंधों की मांसपेशियों को मजबूत करने में काफी मदद करता है।

इस खबर में हम आपके लिए चेयर पोज योग के बारे में विस्तार से बता रहे हैं। इसके नियमित अभ्यास से कंधे और पसलियों में स्ट्रेच आता है, जबकि ये जांघों, पसलियों के कॉलम एडियों और पिंडलियों को मजबूत बनाने में मदद करता है। आप एक्सपर्ट्स की देखरेख में इसका अभ्यास शुरू करें। यह खासकर महिलाओं के लिए बेहद फायदेमंद है। जानिए विधि और लाभ…

चेयर पोज आसन करने का तरीका

  • सबसे पहले एक योग मैट बिछा लें।
  • फिर सूर्य नमस्कार की मुद्रा में खड़े हो जाएं।
  • अब इसके बाद आप एक गहरी सांस लें।
  • फिर अपने हाथों को हवा में लहराते हुए उपर ले जाएं।
  • इसके बाद शरीर को धीरे-धीरे बैठने की मुद्रा में ले आएं।
  • जैसे की आप कुर्सी पर बैठते हैं, इस मुद्रा में कुछ पल के लिए रुकें।
  • इसके बाद दोबारा अपनी मुद्रा में आ जाएं, ऐसा 30 से 60 सेकंड तक रोजाना करें।

चेयर पोज योग के लाभ (Benefits of Chair Pose Yoga)

  1. शरीर में ताजगी रहती है।
  2. महिलाओं को पेट संबंधी समस्याओं से राहत मिलती है।
  3. कब्ज, बदहजमी, अपच से राहत मिलती है।
  4. कमर दर्द दूर होता है, कमर मजबूत होती है।
  5. जांघों एवं पंजों में मजबूती आती है।
  6. इससे रीढ़ की हड्डी फ्लेक्सिबल होती है।

Disclaimer: संबंधित लेख पाठक की जानकारी और जागरूकता बढ़ाने के लिए है। न्यूज24 इस लेख में प्रदत्त जानकारी और सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि इसके बारे में चिकित्सीय सलाह जरूर लें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

First published on: Jun 19, 2023 04:19 PM

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