पारंपरिक पहनावे को छोड़े बिना मॉर्डन टच कैसे दे रहे हैं आज के नेपाली युवा?

Nepal Traditional Dress: जब भी किसी देश की संस्कृति की बात होती है, तो वहां का पहनावा सबसे पहले सभी के ध्यान में आता है। नेपाल भी ऐसा ही देश है, जो अपनी संस्कृति, परंपरा के लिए जाना जाता है।नेपाल में हर जाति, समुदाय और क्षेत्र का पहनावा अलग होता है। समय के साथ जैसे-जैसे बदलाव आए, वैसे-वैसे नेपाल के पहनावे में भी नए ट्रेंड्स शामिल होते गए। आइए जानते हैं नेपाल में समय के साथ ड्रेंसिंग सेंस में किस तरह बदलाव हुए है।

पारंपरिक पहनावे को छोड़े बिना मॉर्डन टच कैसे दे रहे हैं आज के नेपाली युवा?

Nepal Traditional Dress: हर देश का अपना ही अंदाज होता है। उस अंदाज से ही लोग उस जगह के निवासी माने जाते हैं। ऐसे ही नेपाल एक ऐसा देश है जहां की संस्कृति, रीति-रिवाज और परंपराएं बहुत ही खास हैं। इसके साथ ही यहां लोग अलग- अलग जाति, समुदाय और क्षेत्र से हैं और सबका अपना अलग पहनावे का अंदाज भी है। आज नेपाल में जहां एक तरफ गांवों में लोग अब भी पारंपरिक कपड़े पहनते हैं, वहीं शहरों में वेस्टर्न और मॉर्डन फैशन का असर साफ दिखता है। यहां पर आज भी ऐसे बहुत से लोग है जो पारंपरिक परिधान सम्मान और गर्व के साथ पहनते हैं, खासकर खास मौकों पर। आइए तो जानते हैं कि नेपाल का पहनावा, पारंपरिक से मॉर्डन फैशन तक कैसे और किस तरह बदल रहा है।

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पुरुषों का पारंपरिक पहनावा

नेपाल में पुरुषों का अपना अलग पहनावा होता है जिसमें पुरुष दौरा-सुरुवाल दौरा यानी कुर्ता और सुरुवाल यानी पतलून जैसी पोशाक पहनते हैं। जो कि नेपाल के पुरुषों का राष्ट्रीय परिधा है। इसके साथ ही सिर पर पटुका और ढाका टोपी पहनते हैं। पटुका जो की कमर में बांधी जाती है और सिर पर ढाका टोपी पहनना नेपाल की पारंपरा का हिस्सा है।

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महिलाओं का पारंपरिक पहनावा

नेपाल में महिलाओं का पहनावा भी काफी आकर्षक है जिसमें, गुन्यु-चोली और पटुका होता है। यह पहाड़ी इलाकों की महिलाओं की पारंपरिक ड्रेस है। इसमें रैप स्कर्ट के साथ लंबी चोली और पटुका होती है। तराई और शहरों की महिलाएं ज्यादातर साड़ी और सलवार-इन्हें पहनती हैं। शेरपा और तामांग समुदाय के ये लोग ठंड की वजह से ऊनी कपड़े जैसे चप्पा पहनते हैं।

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समय के साथ आए बदलाव

नेपाल का पहनावा सिर्फ एक परंपरा नहीं रहा, अब यह एक फैशन स्टेटमेंट भी बन चुका है। भारत, तिब्बत और चीन के बीच स्थित होने की वजह से नेपाल के पहनावे में इन सभी संस्कृतियों का असर दिखता है। तिब्बत में लंबे ऊनी गाउन जैसे चप्पा और खास टोपी पहनने का चलन है। वही दूसरी तरफ सलवार-कुर्ता, लहंगा-चुनरी जैसे अटायर भारतीय प्रभाव में पहने जा रहे हैं। 20वीं सदी के बाद से जींस, टी-शर्ट, जैकेट जैसे कपड़े तेजी से वेस्टर्न फैशन में लोकप्रिय हुए।

मॉर्डन जेनरेशन का फैशन

शहरी लड़कियां अब जींस-टॉप, ड्रेस और फ्यूजन वियर में ज्यादा नजर आती हैं। गांवों में अब भी साड़ी और सलवार-कुर्ता आम है, लेकिन उनमें भी अब डिजाइन और रंगों का नया पॉप है।

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अब ट्रेंड में है फ्यूजन फैशन

पारंपरिक और मॉर्डन फैशन का मिलन अब नेपाल में तेजी से बढ़ रहा है। ढाका फैब्रिक से बने जैकेट, स्कार्फ और बैग को वेस्टर्न ड्रेस के साथ स्टाइल किए जाते हैं। इसके साथ ही अब यूवाओं के बीच पारंपरिक कपड़ों को मॉर्डन कट्स और रंगों के साथ नया लुक दिया जा रहा है।

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