Sawan Vrat Food: सावन के व्रत अक्सर ये सवाल होता है कि मीठे में क्या बनाएं और प्रसाद क्या चढ़ाएं. लेकिन, अब आपको प्रसाद में मीठा चढ़ाने के लिए बाहर से कुछ लाने की जरूरत नहीं है, आप अपने किचन में रखे कुट्टू के आटे और गुड़ से ही एक ऐसी देसी मिठाई तैयार कर सकते हैं, जो व्रत के हिसाब से सही भी होगी और खाने पर टेस्ट भी अच्छा करेगा. आइए जानते हैं कि सावन के व्रत में बाहर से हल्के कुरकुरे और अंदर से नरम गुलगुले कैसे बनाएं.
यह भी पढ़ें – सावन के आखिरी सोमवार क्या बनाएं? भोलेनाथ के लिए तैयार करें ये सात्विक थाली
गुलगुले बनाने के लिए सामग्री
कुट्टू का आटा- 1 कप
गुड़- 3/4 कप (कद्दूकस किया हुआ)
सौंफ- 1/2 छोटा चम्मच (कुटी हुई)
इलायची पाउडर- 1/4 छोटा चम्मच
सूखा नारियल- 1 चम्मच (कद्दूकस किया हुआ)
गुनगुना पानी- 1/2 कप
तलने के लिए- देसी घी या मूंगफली का तेल
गुलगुले बनाने का तरीका
- सबसे पहले गुड़ का मीठा घोल बनाने के लिए 1/2 कप गुनगुने पानी में कद्दूकस किया हुआ गुड़ डाल लीजिए और इस मिश्रण को अच्छी तरह मिला लीजिए ताकि गुड़ अच्छी तरह मिल जाए.
- इसके बाद इस घोल को छलनी की मदद से छान लीजिए.
- अब एक बाउल लेकर उसमें 1 कप कुट्टू का आटा डाल लीजिए.
- इस आटे में कुटी हुई सौंफ, इलायची पाउडर और कद्दूकस किया हुआ सूखा नारियल डालकर सभी को आपस में मिला लीजिए.
- अब सूखे आटे के मिश्रण में थोड़ा-थोड़ा करके गुड़ का पानी मिलाते जाइए.
- साथ-साथ इस मिश्रण को हाथ या व्हिस्क की मदद से फेंटते हुए एक गाढ़ा घोल बना लीजिए. ध्यान रखें कि घोल न तो बहुत ज्यादा पतला हो और न ही बहुत ज्यादा गाढ़ा हो.
- तैयार किए गए घोल को लगातार 2 से 3 मिनट तक एक ही डायरेक्शन में अच्छी तरह फेंट लीजिए. ऐसा करने से बैटर में हवा भर जाती है, जिससे बिना बेकिंग सोडा या इनो डाले भी गुलगुले एकदम फूले-फूले और सॉफ्ट बनते हैं.
- अच्छे से फेंटने के बाद बैटर को कम से कम 10 मिनट के लिए ढककर रख दीजिए.
- इसके बाद एक कढ़ाही में देसी घी या मूंगफली का तेल डालकर अच्छे से गर्म कर लीजिए.
- अब आटे से गुलगुले तोड़ते समय हाथों में अच्छे से पानी लगा लीजिए. इसके बाद बैटर से छोटे-छोटे बॉल्स लेकर उन्हें गर्म तेल में डालते जाइए.
- गुलगुले तलते वक्त फ्लेम को मीडियम रखें और गुलगुले को कलछी की मदद से पलट-पलट कर चारों तरफ से सुनहरा और क्रिस्पी होने तक अच्छी तरह से तल लीजिए.
- जब गुलगुले अच्छे से तल जाएं तो उन्हें कड़ाही से निकालकर टिश्यू पेपर के ऊपर रख दीजिए, ताकि तेल निकल जाए.
अब आप इन फूले-फूले गरम गुलगुलों का भोग लगाकर खा सकते हैं.
यह भी पढ़ें – रक्षाबंधन भाई को खिलाएं घर की बनी प्रोटीन चॉकलेट मिठाई, बाहर के पकवान नहीं आएंगे याद