Gold Buying Tips On Dhanteras and Diwali: देशभर के साथ-साथ दुनिया के दूसरे हिस्सों में बसे हिंदू मान्यता के लोगों के लिए रौशनी के उत्सव दिवाली की धूम शुरू होने का है। इसी बीच दिवाली से ठीक दो दिन पहले पड़ती धनतेरस यानि धन्वंतरि जयंती को लेकर भी लोगों ने प्लानिंग शुरू कर दी है कि उस दिन क्या खरीदना है? पौराणिक मान्यताओं के अनुसार धनतेरस पर सोना खरीदने की परम्परा है। माना जाता है कि इस दिन सोना खरीदने से घर में धन और समृद्धि आती है। इससे पहले कि आप भी धनतेरस पर सोना खरीदने का मन बनाकर बाजार का रुख करें, यह तय कर लेना बेहद जरूरी है कि आप इस बहुमूल्य धातू पर किस तरह से सुरक्षित निवेश कर सकते हैं। हम आपको वो बातें बताने जा रहे हैं, जिनका आपको ध्यान रखना ही चाहिए।
सबसे पहले कीमतों के बारे में अपडेट रहें
खरीदारी से पहले सोने की हालिया कीमत के बारे में सही जानकारी हासिल कर लें। दरअसल, सोना-चांदी के भावों में रोज के उतार-चढ़ाव आते हैं। ऐसे में अखबार, टीवी या संचार के दूसरे विश्वसनीय साधनों के-साथ-साथ एकाध दुकानदार वगैरह से भी मौजूदा रेट कन्फर्म कर लेना आपको ज्यादा कीमत चुकाने से बचने में सहायता करेगा।
अपना बजट फिक्स करें
बाजार के उतार-चढ़ाव और अपनी सामर्थ्य को ध्यान में रखते हुए योजना बनाएं कि आप कितना खर्च आसानी से उठा सकते हैं, जिससे कि आपकी परम्परा भी बनी रहे और आपकी जेब पर भी ज्यादा बोझ न पड़े। इसके अलावा जौहरी या डीलर की बायबैक पॉलिसी के नियम और शर्तें जान लेना भी बहुत ही जरूरी है।
सोने की शुद्धता की पुष्टि करें
इस बात की तस्दीक कर लेना भी बहुत अहम पहलू है कि जो सोना आप खरीदने जा रहे हैं, वो कितना खरा है। हालांकि शुद्ध सोना गहने बनाने के लायक नहीं होता, ऐसे में इसमें अक्सर दूसरी धातुओं की थोड़ी-बहुत मिलावट करना स्वर्णकारों की मजबूरी होती है। सोने की शुद्धता को कैरेट (K) में मापा जाता है और इस शुद्धता की परख के लिए भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) की तरफ से जारी की गई हॉलमार्किंग पर भरोसा करें।
सही डिजाइन चुनें
वैसे तो सोना बार, सिक्कों, गहनों समेत और दूसरे कई रूपों में उपलब्ध होता है, जिसकी अपनी कीमत और वापसी मूल्य (Rate and Resale Value) होता है। फिर भी बात जब धनतेरस से जुड़ी हो तो आपको पारंपरिक और प्रतीकात्मक डिजाइन ही चुनना चाहिए। इनमें लक्ष्मी, गणेश या अन्य देवताओं के रूपांकन आशीर्वाद और समृद्धि के प्रतीक माने जाते हैं।
सही समय पर और सही जगह से खरीदें
ऐसा माना जाता है कि धनतेरस पर शुभ महूर्त या सबसे शुभ समय के दौरान सोना खरीदने से इसके सकारात्मक प्रभाव बढ़ जाते हैं। किसी स्थानीय पुजारी से परामर्श लें या अपने स्थान के आधार पर सटीक समय के लिए ऑनलाइन जांच करें। इसके अलावा जिस जगह से खरीदारी करनी है, उसका आपके भरोसे का होना जरूरी है। वैल एस्टेब्लिश और ऑथोराइज्ड डीलर से सोना खरीदना आपको इसकी क्विलिटी और प्रामाणिकता तय करने में मदद करता है।
मेकिंग चार्ज की जांच करें, बिल भी हर हाल में लें
अगर आप सोना गहने के रूप में खरीद रहे हैं तो मेकिंग चार्ज पर खुलकर बात करना भी बहुत जरूरी है। यह अलग-अलग जौहरी के यहां थोड़ा-बहुत कम-ज्यादा होना आम बात है। इसके बाद अपनी खरीद के लिए हमेशा प्रॉपर बिल लें। यह वजन, शुद्धता और मेकिंग चार्ज ही नहीं, वारंटी और री-सेल वैल्यू संबंधी पहलुओं पर आपको संतुष्टि प्रदान करता है।
अपने सोने का बीमा कराएं
सुरक्षित निवेश के लिए जो सोना आपने खरीदा है, उसका बीमा भी कराएं। ईश्वर न करे कल को कोई चोरी या हादसा हो जाए तो ऐसी स्थिति में आपकी आर्थिक हालत डगमगाएगी नहीं। यह ज्ञान होना ही चाहिए कि आज के बाजारवाद के जमाने में बहुत सी बीमा कंपनियां सोने-चांदी और डायमंड आदि, खासकर गहनों के डिजाइन पर एक से एक बेहतर पॉलिसियां उपलब्ध करा रही हैं।
सुरक्षित रूप से स्टोर करें
जिस चीज पर जिंदगी की गाढ़ी कमाई खर्च कर रहे हैं, उसकी सुरक्षा भी जरूरी है। ऐसे में यह आपको तय करना ही होगा कि आपका सोना कहां ज्यादा सुरक्षित रहेगा। आपके घर की तिजोरी ही नहीं, बैंक लॉकर भी आपके सोने को सुरक्षित रखने के लिए बेहतर विकल्प है।