उत्तर प्रदेश सरकार ने एनालॉग डेयरी प्रोडक्ट्स की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी है. सरकार के इस फैसले के बाद एनालॉग पनीर, क्रीम, घी, छेना और खोया जैसी चीजें अब प्रदेश में बनाए, स्टोर या बेचे नहीं जा सकेंगे. यह नियम सिर्फ एनालॉग डेयरी प्रोडक्ट्स पर ही लागू होता है. इसको लेकर सरकार का कहना है कि इस कदम का मकसद डेयरी प्रोडक्ट्स की क्वालिटी को बरकरार रखना है और लोगों की सेहत से बिल्कुल भी खिलवाड़ नहीं करना है.
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क्या होता है एनालॉग डेयरी प्रोडक्ट?
एनालॉग डेयरी ऐसे प्रोडक्ट होते हैं जो देखने या इस्तेमाल में दूध से बने डेयरी प्रोडक्ट जैसे हो सकते हैं, लेकिन उन्हें तैयार करने में दूध के बजाय दूसरी चीजों का इस्तेमाल किया जाता है. यानी एनालॉग पनीर जरूरी नहीं कि दूध से बने पनीर जैसा ही हो. इसी तरह एनालॉग घी में भी दूध से मिलने वाले फैट के बजाय दूसरे फैट का इस्तेमाल किया जा सकता है.
यूपी सरकार ने क्यों लगाया बैन?
यह फैसला दूध और दूध से बने उत्पादों की क्वालिटी को लेकर हुए टेस्ट के बाद आया है. रिपोर्टों के मुताबिक, खाद्य सुरक्षा विभाग ने टेस्ट में कुछ जगहों पर दूध और डेयरी उत्पादों में रिफाइंड तेल, अलग-अलग तरह के फैट और सोयाबीन के इस्तेमाल के मामले सामने आए. इसलिए सरकार ने तुरंत बंद करने का फैसला लिया है.
किन डेयरी प्रोडक्ट्स पर लगी रोक?
- एनालॉग पनीर या चीज
- एनालॉग क्रीम
- एनालॉग घी
- एनालॉग छेना
- एनालॉग खोया
क्या एनालॉग का मतलब जहरीला होता है?
यह बात समझना बहुत जरूरी है कि हर एनालॉग प्रोडक्ट को सीधे जहरीला कहना सही नहीं है. हालांकि, एनालॉग और मिलावटी प्रोडक्ट एक ही चीज नहीं हैं. समस्या तब ज्यादा गंभीर होती है जब किसी ऐसे उत्पाद को असली दूध या डेयरी प्रोडक्ट में बेचा जाए, जबकि उसकी बनावट अलग हो.
असली पनीर और एनालॉग पनीर में क्या अंतर?
असली पनीर दूध से तैयार होता है, जबकि एनालॉग वाली चीजों में दूध के बजाय दूसरी चीजें इस्तेमाल की जाती हैं. इसी वजह से सिर्फ देखकर पता लगाना मुश्किल होता है कि यह है या नहीं. हालांकि, दोनों का स्वाद भी एक जैसा लगता है.
घी में ऐसे समझें फर्क
असली घी दूध से मिलने वाले मिल्क फैट से तैयार किया जाता है. अगर किसी प्रॉडक्ट में दूसरे तेल या फैट का इस्तेमाल करके उसे घी के रूप में बेचा जाए तो यह एनालॉग घी माना जाएगा. इसमें वनस्पति तेल मिलाया जाता है, जिसका रंग अलग होता है. यही वजह है कि घी और दूसरे डेयरी प्रोडक्ट खरीदते समय भरोसेमंद ब्रांड देखना जरूरी है.
एनालॉग डेयरी प्रोडक्ट्स से बचने के लिए क्या करें?
- पैक्ड प्रोडक्ट का लेबल और सामग्री जरूर पढ़ें. साथ ही, बहुत सस्ते डेयरी प्रोडक्ट को बिल्कुल न खरीदें.
- खुले पनीर, खोया या घी के लिए भरोसेमंद दुकानदार को ही सेलेक्ट करें. सिर्फ रंग या खुशबू देखकर किसी चीज को असली या नकली तय न करें.
- किसी प्रोडक्ट में मिलावट का पक्का पता लगाने के लिए फूड लैब से टेस्ट करवाएं.
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