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आम पटाखों से कैसे अलग होते हैं ग्रीन पटाखे? जानिए क्या सच में पर्यावरण के लिए होते हैं अच्छे

Green vs Traditional Firecrackers: अक्सर लोगों का सवाल रहता है कि बाजारों में बिकने वाले आम पटाखों से ग्रीन पटाखे कितने अलग और सुरक्षित होते हैं? आइए जानते हैं कैसे होता है ग्रीन पटाखों का निर्माण

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ग्रीन पटाखों और आम पटाखों में क्या फर्क है? (Image: AI/Pexels)

दिवाली का त्योहार करीब है, जिसे लेकर लोगों ने कई दिनों पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी है. दिवाली वैसे तो रोशनी व खुशियों का त्योहार है, लेकिन इस दिन को मजेदार बनाने के लिए लोग अपने-अपने घर के पास पटाखे फोड़ते हैं और दिवाली की खुशियों में झूमते हैं. लेकिन दिल्ली-NCR और देश के कई कोनों में हर साल पटाखों को लेकर बहस छिड़ी रहती है कि इनके कारण वायु प्रदूषण होता है, यानी शहर की हवा जहरीली हो जाती है, जिसमें रहना सेहत के लिए खतरनाक है. कई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली-NCR जैसे शहरों में हर साल प्रदूषण की मार लोगों को झेलनी पड़ती है, क्योंकि दिवाली के बाद शहर का AQI 400-500 के पार पहुंच जाता है, जिसका मतलब होता है कि हवा बहुत बुरी हालात में है.

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जहर के बीच लेना पड़ा सांस

वातावरण में फैली प्रदूषित हवा के कारण लोगों को कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का सामना भी करना पड़ता है, जिसमें सबसे ज्यादा मुश्किल, छोटे बच्चों, बुजुर्गों और जो लोग अस्थमा जैसी समस्याओं का शिकार है उन्हें होती है. हालांकि, इस तरह की स्थिति ज्यादा न बने, इसके लिए मार्केट में ग्रीन पटाखे अब बिकने लगे हैं, आइए जानते हैं क्या ये सच में हवा के लिए सुरक्षित है और पारंपरिक पटाखों से कैसे अलग है?

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प्रदूषण से शहर में छा जाती धुंध की चादर

आम पटाखों की हकीकत ये है कि ये आवाज तो ज्यादा करते हैं, लेकिन इसके साथ-साथ इसमें से निकलने वाला धुआं अगली सुबह पूरे शहर को धुंध की चादर में ढक लेता है. जानकारी के अनुसार, दीपावली का त्योहार अक्सर सर्दियों के करीब आता है, जिससे वातावरण में कोहरा और धुंध भी बढ़ जाती है. इस कारण, पटाखों से निकलने वाला धुआं हवा में लंबे समय तक ठहरता है और एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) काफी खराब हो जाता है, जिससे लोगों को सांस लेने में परेशानी होती है. यही अब लोगों को आम पटाखों की जगह ग्रीन पटाखों के इस्तेमाल के लिए जागरूक किया जा रहा है, ताकि वातावरण का ख्याल रखा जा सके.

ग्रीन पटाखे कैसे अलग है आम पटाखों से?

जानकारी के अनुसार, पटाखों के निर्माण में सल्फर, ऑक्सीडाइजर, स्टेबलाइजर, रिड्यूसिंग एजेंट, एंटीमोनी सल्फाइड, बेरियम नाइट्रेट, लिथियम, तांबा, एल्यूमिनियम और स्ट्रांशियम जैसे रसायन शामिल होते हैं, जो जलने पर जहरीली गैसें छोड़ने के साथ-साथ काफी धुआं भी छोड़ते हैं. यही गैस हवा की गुणवत्ता (Air Quality Index) तेजी से गिरती है, जिसका असर ये होता है कि दिवाली के बाद हर तरफ धुंध ही दिखाई देती है और लोगों को सांस लेने में परेशानी होती है.

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हालांकि, अब सवाल उठता है कि ग्रीन पटाखे क्या सच में बहुत सेफ और प्रदूषण मुक्त होते हैं? रिपोर्ट के अनुसार, ग्रीन पटाखों में पारंपरिक पटाखों की तुलना में या तो हानिकारक रसायन (एल्युमिनियम, बैरियम, पोटेशियम नाइट्रेट और कार्बन) शामिल नहीं किए जाते हैं या फिर इनकी जगह कम हानिकारक तत्वों का इस्तेमाल किया जाता है, ताकि प्रदूषण का खतरा कम हो और आवाज भी कम हो. लेकिन इन पटाखों को लेकर एक सच्चाई ये भी है कि ये आम पटाखों की तुलना में महंगे होते हैं, लेकिन पर्यावरण की सुरक्षा के लिए एक बेहतर विकल्प माने जाते हैं. इतना ही नहीं, ग्रीन पटाखों से प्रदूषण पूरी तरह समाप्त नहीं होता है, इसलिए इन्हें प्रदूषण मुक्त मानना गलत है.  

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लेखक के बारे में

Azhar Naim

अज़हर नईम एक डिजिटल पत्रकार हैं. अज़हर नईम News24 Bag Convergence में सब-एडिटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वह मुख्य रूप से लाइफस्टाइल, हेल्थ और वायरल सेक्शन से जुड़ी खबरें लिखते हैं. उन्होंने साल 2024 में श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने इंडिया न्यूज और खबरफास्ट जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम किया, जहां उन्हें डिजिटल न्यूज रिपोर्टिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव मिला. इसके बाद उन्होंने एक साल से ज्यादा समय तक (2024-2026) इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में ट्रेनी के तौर पर काम किया और हेल्थ, लाइफस्टाइल, वायरल, ट्रेंडिंग, न्यूज और टेक्नोलॉजी समेत कई बीट्स पर डिजिटल कंटेंट तैयार किया. अपने अब तक के अनुभव में अज़हर डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स को समझने, SEO-फ्रेंडली कंटेंट तैयार करने और पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए उपयोगी व आकर्षक स्टोरीज लिख रहे हैं. अज़हर नईम का पत्रकारिता में अनुभव कुल अनुभव: 2 साल से ज्यादा योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: उन्होंने श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पिछला अनुभव: अज़हर ने न्यूज 24 से पहले इंडिया न्यूज़, खबरफास्ट और इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में अपनी पत्रकारिता की समझ और अनुभव को और मजबूत किया. अपने प्रोफेशनल सफर में उन्होंने दिल्ली ब्लास्ट, जम्मू-कश्मीर ब्लास्ट, ईरान-अमेरिका युद्ध, रूस-यूक्रेन युद्ध और कई विधानसभा चुनावों के अलावा लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसे विविध विषयों पर कंटेंट तैयार किया है. विशेषज्ञता और फोकस अज़हर नईम को लाइफस्टाइल और हेल्थ का खासा अनुभव है, वह इन खबरों को आसान भाषा में समझाने में माहिर हैं और इन्हीं से जुड़ी स्टोरी पर लगातार काम कर रहे हैं. इसके अलावा उन्हें टिप्स और ट्रिक्स, स्किन केयर, हेयर केयर, किचन-गार्डनिंग और फैशन से जुड़ी खबरों में भी महारत हासिल है.
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