दिल्ली में जैसे-जैसे सर्दी बढ़ रही है, वैसे-वैसे वायु प्रदूषण बढ़ रहा है और हवा जहरीली होने लगी है. इससे पहले कि लोगों का दम घुटने लगे वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) और दिल्ली सरकार ने आज 1 नवंबर 2026 से ग्रैप की पाबंदियां लागू कर दी हैं. इसलिए दिल्ली में आज से वर्क फ्रॉम होम लागू हो गया है और सरकारी-निजी दफ्तरों में 50 प्रतिशत हाजिरी लगेगी. बाहर से आने वाले BS6 से नीचे के रजिस्टर्ड वाहनों की एंट्री पर रोक लग गई है. सरकारी और राष्ट्रीय प्रोजेक्टों को छोड़ अन्य धूल-मिट्टी उड़ाने वाले निर्माण कार्यों पर रोक लग गई है. पार्किंग फीस भी दोगुनी हो गई है.
पाबंदियों के पालन पर निगरानी रखी जाएगी
सरकारी आदेश के अनुसार, ग्रैप की पाबंदियां आज 1 नवंबर से 28 फरवरी तक लागू रहेंगी और अलग-अलग पाबंदियां अलग-अलग समय के लिए लागू होंगी. वहीं पाबंदियों का पालन सुनिश्चित करने के लिए स्पेशल टीमें फील्ड में एक्टिव रहेंगी. ANPR कैमरे और AI से चलने वाला इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) निगरानी करेगा. दिल्ली में बाहर से आने वाले रजिस्टर्ड BS-IV या पुरानी गाड़ियां 31 जनवरी 2026 तक एंट्री नहीं कर पाएंगी. CNG, इलेक्ट्रिक और जरूरी सेवाओं को इस पाबंदी से छूट मिलेगी. निर्माण और तोड़फोड़ पर 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक पूरी रोक होगी.
दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड BS-IV या उससे पुराने उत्सर्जन मानक वाली गाड़ियां 1 नवंबर से 31 जनवरी तक शहर में नहीं चल सकेंगी. सीएनजी और इलेक्ट्रिक गाड़ियों, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, पुलिस वाहनों और दूसरे अधिसूचित वाहनों को छूट रहेगी.
धूल उड़ाने वाली तोड़फोड़ और बाहरी सिविल निर्माण 1 नवंबर से 31 जनवरी तक बंद रहेंगे. कुछ जरूरी सार्वजनिक परियोजनाओं को तय शर्तों पर छूट मिलेगी. घर के अंदर की फिनिशिंग, प्लंबिंग और बिजली का काम धूल रोकने के मानकों का पालन हो तो चल सकता है. 10 दिसंबर से 20 जनवरी के बीच निर्माण और तोड़फोड़ पर पूरी रोक रहेगी, तय छूट वाले कामों को छोड़कर.
पार्किंग फीस 1 नवंबर से 28 फरवरी तक दोगुनी रहेगी. यह दिल्ली भर के अधिकृत पार्किंग स्थलों पर लागू होगी, पर दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन की पार्किंग को छूट रहेगी. सरकारी और निजी दफ्तरों में 1 नवंबर से 31 जनवरी तक 50 फीसदी कर्मचारी ही दफ्तर आएंगे, बाकी घर से काम करेंगे. जरूरी और आपात सेवाएं तय नियमों के हिसाब से छूट में रहेंगी. एमसीडी दफ्तर सुबह 8.30 से शाम 5 बजे और दिल्ली सरकार के दफ्तर सुबह 10 से शाम 6.30 बजे तक चलेंगे, ताकि ट्रैफिक कम हो.
नियम लागू कराने की जिम्मेदारी परिवहन विभाग, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस, DPCC और नगर निकायों समेत कई एजेंसियों की होगी. सीमाओं और दूसरे खास जगहों पर लगे ANPR कैमरे नियम तोड़ने वाली गाड़ियों को पकड़ेंगे. ऐसी गाड़ियों के ई-चालान कटेंगे और ट्रैफिक पुलिस नियमों के मुताबिक गाड़ी जब्त करने जैसी कार्रवाई करेगी. टीमें मौके पर जाकर भी जांच करेंगी. निर्माण स्थलों पर बिना इजाजत काम मिलने पर तुरंत काम रोकने का नोटिस, पर्यावरण मुआवजे का जुर्माना और जरूरत पड़ने पर सीलिंग जैसी कार्रवाई होगी. AI वाला ICCC कैमरा फीड, चालान और कार्रवाई पर नजर रखेगा, और खास टीमें शिकायत मिलते ही पहुंचेंगी.
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लोगों, वाहन मालिकों, निर्माण एजेंसियों और कारोबारी जगहों से नियम मानने की अपील की है. उन्होंने कहा कि पाबंदी वाली गाड़ियां शहर में न लाएं, बाहरी निर्माण रोकें, सार्वजनिक परिवहन और कारपूल अपनाएं और खुले में कचरा या सूखी पत्तियां न जलाएं. उल्लंघन की शिकायत एजेंसियों को दें.