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Young Indian Achiever: एथिकल हैकिंग की दुनिया में आयुष पटेल का बजा डंका, युवाओं के बने रोल मॉडल

Young Indian Achiever: इधर पिछले कुछ सालों में भारतीय युवाओं ने न सिर्फ देश, बल्कि सात समंदर पार भी अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है। चाहे वह खगोल वैज्ञानिक करण जानी हों या एथलीट नीरज चोपड़ा या उद्योगपति विनीता सिंह या फिर पर्यावरणविद् उद्यमी गोकुल श्रीनिवास हों। इन युवाओं की उपलब्धियों और कार्यों ने सभी […]

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Young Indian Achiever: इधर पिछले कुछ सालों में भारतीय युवाओं ने न सिर्फ देश, बल्कि सात समंदर पार भी अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है। चाहे वह खगोल वैज्ञानिक करण जानी हों या एथलीट नीरज चोपड़ा या उद्योगपति विनीता सिंह या फिर पर्यावरणविद् उद्यमी गोकुल श्रीनिवास हों। इन युवाओं की उपलब्धियों और कार्यों ने सभी पीढ़ियों को प्रेरित किया है, क्योंकि उन्होंने अपने काम से दुनिया में एक अमिट छाप छोड़ी है। उन्हीं में से एक हैं आयुष पटेल, जिनका एथिकल हैकिंग की दुनिया में एक जाना माना नाम बन गया है।

21 वर्षीय आयुष पटेल लखनऊ के रहने वाले हैं। खास बात ये है कई अब तक आयुष ने 12 ग्लोबल सर्टिफिकेशन अपने नाम कर चुके हैं। इसमें Microsoft, Fortinet, Red Hat और अमेरिका की जानी मानी संस्था EC Council से सर्टिफाइड एथिकल हैकर है।

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फेल ने सिखाया पास होना

फेसबुक के फाउंडर बिल गेट्स और भी बड़ी हस्तियों के जैसे ही आयुष का भी अकेडमिक कुछ खास नहीं रहा। आयुष बताते हैं हाई स्कूल में वह सेकंड डिवीज़न से पास हुए थे। आयुष को कंप्यूटर में हमेशा से रुचि थी, लेकिन टीचर ने मैथ्स न लेने की सलाह दी, जिसका नतीजा आयुष को भुगतना पड़ा।आयुष इंटरमीडिएट की परीक्षा मे मैथ्स में फेल हो गए। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। परिवार का पूरा सपोर्ट मिला और उसके बाद वो कभी फेल नहीं हुए।

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कोरोना काल में दी एथिकल हैकिंग और लिनक्स की ट्रेनिंग

इसके बाद आयुष ने जेटकिंग से डिप्लोमा इन नेटवर्किंग का कोर्स चुना, जहां जहा से उनको कोर नेटवर्किंग और हार्डवेयर की नॉलेज हुई। उसी दौरान आयुष ने अपनी खुद की कंपनी स्टार्ट की, जिसका नाम आयुष सिक्योरिटी सॉल्यूशन है, फिर तो मानो समय का पहिया ही घूम गया। उसके बाद से आयुष ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। आयुष ने बताया, जब कोरोना अपने चरम पर था, तो साइबर अटैक्स की मात्रा 150 % से बढ़ गई थी। ऐसे में मैंने फैसला किया कि लोगों को एथिकल हैकिंग और लिनक्स की ट्रेनिंग दूंगा। मैंने उस दौरान भारत, अमेरिका, साउथ कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, स्पेन, इंग्लैंड जैसे देशों के 100 से अधिक लोगों को ट्रेनिंग दी।’

19 साल की उम्र में लिखी किताब

गौरतलब है कि आयुष महज़ 19 साल की उम्र में साइबर सिक्योरिटी पर Hackers Republic नाम से किताब भी लिख चुके हैं। इस बुक काफी पसंद किया गया। आयुष फ़िलहाल भारत की कंपनी HCLTECH में बतौर Analyst के तौर पर काम कर रहे हैं। यकीनन आयुष की कहानी प्रेरणादायक है, खासकर उन युवाओं के लिए, जो फेल होने के बाद टूट जाते हैं और आगे प्रयास नहीं करते।

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आयुष पटेल ने बताए सफलता के मंत्र

  • अगर आप एथिकल हैकिंग में एक स्तर हासिल करना चाहते हैं, तो आपको लिनक्स पता होना चाहिए।
  • नेटवर्किंग कांसेप्ट एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, इसलिए आपको नेटवर्किंग के बारे में पता होना चाहिए।
  • साइबर सुरक्षा एक व्यापक प्रभुत्व है, हर दिन एक नया दिन है, नए कारनामे, नई कमजोरियां। सीखने की प्रकिया जारी रखें। खुद को अपडेट रखें।
  • कोई एक प्रोग्रामिंग भाषा को सीखने का प्रयास करें।
  • कभी भी अपने काम से भागना नहीं चाहिए। कभी-कभी आपको ऐसा लगेगा कि मैं क्या कर रहा हूं ,तो उस स्थिति में आपको खुद को शांत करना होगा।

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First published on: Dec 29, 2022 05:19 PM

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