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भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ ‘आप’ का पंजाब भर में जोरदार प्रदर्शन, केंद्र पर देश के हितों को बेचने का लगाया आरोप

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में आम आदमी पार्टी ने पंजाब भर में प्रदर्शन कर केंद्र पर देशहित बेचने का आरोप लगाया. आप नेताओं ने कहा कि अमेरिकी उत्पादों पर टैक्स छूट और भारतीय वस्तुओं पर भारी शुल्क किसानों व व्यापारियों के लिए घातक है.

Author Edited By : Palak Saxena
Updated: Feb 13, 2026 09:47

आम आदमी पार्टी (आप) ने भारत और अमेरिका के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) को भारतीय किसानों और व्यापारियों के लिए ‘घातक’ करार देते हुए वीरवार को पंजाब के विभिन्न जिलों में जोरदार प्रदर्शन किया. पार्टी कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के इस कदम के खिलाफ ‘भारत बंद’ का पूर्ण समर्थन किया और सड़कों पर उतरकर अपना रोष व्यक्त किया.

प्रदर्शन के दौरान ‘आप’ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने समझौते के विरोध में लिखे नारे वाली तख्तियां हाथों में लेकर केंद्र सरकार के विरुद्ध नारेबाजी की. आप ने केंद्र सरकार पर अमेरिका के दबाव में आकर देश के हितों से समझौता करने का आरोप लगाया और इस व्यापारिक समझौते को तुरंत रद्द करने की मांग की.

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किसान विंग के अध्यक्ष मोहिंदर सिंह सिद्धू ने कहा कि ने संबोधित करते हुए कहा कि यह समझौता भारतीय कृषि व्यवस्था की कमर तोड़ देगा. इस संधि के तहत अमेरिका को डेयरी और अन्य कृषि उत्पादों को भारतीय बाजारों में बिना किसी टैक्स के बेचने की अनुमति दी गई है. इससे अमेरिकी उत्पाद भारतीय बाजारों में बेहद सस्ते दाम पर उपलब्ध होंगे और हमारे स्थानीय किसानों और डेयरी संचालकों का व्यापार पूरी तरह ठप हो जाएगा.

आप नेता व ट्रेड विंग के महासचिव रणजीत पाल सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार का यह फैसला हमारे अन्नदाता के पेट पर लात मारने जैसा है. जहां एक तरफ अमेरिकी उत्पादों पर कोई टैक्स नहीं लगेगा, वहीं भारतीय व्यापारियों को अमेरिका में 18% तक टैक्स देना होगा. यह मुकाबला बराबरी का नहीं है. हम इस समझौते को तब तक स्वीकार नहीं करेंगे जब तक इसे वापस नहीं लिया जाता.

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महासचिव सतवीर सिंह बख्शीवाला ने कहा कि यह समझौता आर्थिक गुलामी की ओर एक कदम है. केंद्र सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था को विदेशी कंपनियों के हवाले कर दिया है. इससे न केवल किसान बल्कि हर देशवासी को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा. हम जनता के बीच जाकर केंद्र की इस जन-विरोधी नीति का पर्दाफाश करेंगे.

First published on: Feb 13, 2026 09:47 AM

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