अमेरिका और चीन के बीच जबरदस्त जुबानी और व्यापारिक जंग चल रही है। साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से 2 अप्रैल से रूप में नए टैरिफ का ऐलान किए जाने की घोषणा पहले ही की जा चुकी है। रूस पर भी अमेरिका की तरफ से प्रतिबंधों वाली धमकी दी गई है। भारत भी उन देशों की लिस्ट में शामिल है, जो इस टैरिफ की जद में आएंगे। इसी बीच चीन ने भारत की तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ाया है।
‘बीजिंग और नई दिल्ली को मिलकर काम करना चाहिए’
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा है कि चीन और भारत के संबंधों को ‘ड्रैगन-हाथी टैंगो’ का रूप लेना चाहिए। टैंगो इन दोनों प्रतीकात्मक जानवरों के बीच का चीनी डांस है। जिनपिंग का यह संदेश मंगलवार को भारत-चीन द्विपक्षीय संबंधों की 75वीं वर्षगांठ के मौके पर आया है। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपनी भारतीय समकक्ष द्रौपदी मुर्मू से कहा कि बीजिंग और नई दिल्ली को एक दूसरे के साथ मिलकर काम करना चाहिए। चीनी और भारतीय राष्ट्रपतियों ने मंगलवार को अपने राजनयिक संबंधों की शुरुआत 75वीं वर्षगांठ पर बधाई संदेशों का आदान-प्रदान के साथ किया। शी जिनपिंग और द्रौपदी मुर्मू के अलावा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी प्रधानमंत्री ली कियांग ने भी एक दूसरे को बधाई और शुभकामना संदेश भेजे हैं। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने मीडिया ब्रीफिंग के दौरान इस बात पर जोर डाला कि दोनों देशों की प्राचीन सभ्यताएं हैं और वैश्विक दक्षिण के भीतर महत्वपूर्ण विकासशील देश हैं।
‘ड्रैगन-हाथी टैंगो’ का क्या है मतलब?
दरअसल, चीन को सांकेतिक तौर पर ड्रैगन से जोड़ा जाता है। चीनी संस्कृति में ड्रैगन को एक शक्तिशाली, भाग्यशाली और शुभ जीव माना जाता है, जो शक्ति, भाग्य और सफलता का प्रतीक है। दूसरी ओर भारत में हाथी को राष्ट्रीय विरासत पशु घोषित किया गया है और यह देश की संस्कृति, धर्म और इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखता है इसलिए यह भारत की पहचान बन गया है। दुनिया के कई देशों में ‘हाथी’ के सिंबल से भारत की पहचान होती है। वहीं, टैंगो एक अंग्रेजी शब्द है। जिसका मतलब दोस्ताना रिश्ता या डांस होता है। शी जिनपिंग का कहना है कि वो भारत के साथ रिश्तों को बेहतर करना चाहते हैं।
शी जिनपिंग ने क्या कहा?
हालांकि, आजादी के बाद से ही भारत और चीन के संबंधों में विश्वास की कमी आई है। 1962 का युद्ध और उसके बाद से लगातार हो रहे सीमा विवादों ने दोनों देशों के रिश्तों को बड़े स्तर पर प्रभावित किया है। भारत और चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर लद्दाख की गलवान घाटी में 2020 के सैन्य संघर्ष के बाद तनाव कम करने की दिशा में काम कर रहे हैं।समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, शी जिनपिंग ने कहा कि पड़ोसियों को शांतिपूर्ण ढंग से सह-अस्तित्व के तरीके ढूंढने चाहिए और वह प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मामलों में संचार और समन्वय को बढ़ाने एवं सीमावर्ती क्षेत्रों में संयुक्त रूप से शांति की रक्षा करने के लिए तैयार हैं। शी जिनपिंग ने अपने संदेश में कहा कि भारत और चीन दोनों ही एशिया की बड़ी शक्तियां हैं और हमें एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करना चाहिए।