Mohammad Irfan-Rahul Gandhi Meeting: दिल्ली की सावदा जेजे कॉलोनी के रहने वाले और सड़क पर सामान बेचने वाले मोहम्मद इरफान, जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' के विरोध प्रदर्शन के दौरान दिए गए अपने भाषणों से अचानक चर्चा में आ गए. कोई फॉर्मल एजुकेशन या राजनीतिक पार्टी से जुड़े न होने के बावजूद, गरीबी, मजदूरों के अधिकारों और सामाजिक असमानता पर अपनी बेबाक राय से इरफान ने कई लोगों को इम्प्रेस किया. उनकी पॉपुलैरिटी के कारण सोमवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ उनकी मुलाकात हुई.
---विज्ञापन---
राहुल गांधी से क्या कहा?
बाद में 'द लल्लनटॉप' को दिए एक इंटरव्यू में इरफान ने बताया कि उन्होंने राहुल गांधी से गुजारिश की कि अगर वो कभी सत्ता में आते हैं, तो प्रवासी मजदूरों और दिहाड़ी मजदूरों की चिंताओं को याद रखें. उन्होंने ये भी साफ किया कि उनका सपोर्ट किसी राजनीतिक पार्टी से बंधा हुआ नहीं है. इरफान के मुताबिक, उन्होंने राहुल को चेतावनी दी कि अगर जनता से किए गए भविष्य के वादे पूरे नहीं किए गए, तो वे उनके खिलाफ भी विरोध करने से पीछे नहीं हटेंगे.
---विज्ञापन---
मजदूरों के हालात पर बात
बातचीत के दौरान इरफान ने मजदूरों की आर्थिक मुश्किलों का जिक्र किया और NCRB के आंकड़ों का हवाला दिया, जिनसे पता चलता है कि खुदकुशी के मामलों में दिहाड़ी मजदूरों की बड़ी हिस्सेदारी है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आर्थिक तंगी और मानसिक दबाव हजारों परिवारों को प्रभावित कर रहे हैं. उन्होंने ये भी दावा किया कि कई मजदूरों को लंबे समय तक काम करने के बावजूद महीने में सिर्फ 13,000–14,000 रुपये ही मिलते हैं, जबकि आधिकारिक न्यूनतम मजदूरी के आंकड़े इससे कहीं ज्यादा हैं.
---विज्ञापन---
एजुकेशन का उठा मुद्दा
शिक्षा भी एक ऐसा मुद्दा था जिसे इरफान ने उठाया. उन्होंने स्कूल छोड़ने वाले बच्चों को लेकर चिंता जताई और कहा कि गरीब परिवारों के लिए ITI और पॉलिटेक्निक जैसे तकनीकी संस्थानों तक पहुंचना मुश्किल बना हुआ है, जिससे अमीर और गरीब के बीच की खाई और चौड़ी हो रही है. इरफान ने मुलाकात के दौरान एक मजेदार पल का भी जिक्र किया; उन्होंने बताया कि राहुल गांधी को प्रियंका गांधी का फोन आया था, जिन्होंने मजाक में उनसे कहा कि वे राहुल को शादी करने के लिए मनाएं.
---विज्ञापन---
पीएम मोदी-अमित शाह से मिलने की ख्वाहिश
भविष्य को लेकर इरफान ने कहा कि वैचारिक मतभेदों के बावजूद वे पीएम नरेंद्र मोदी से मिलने को तैयार हैं. हालांकि, उन्होंने कहा कि वे पहले गृह मंत्री अमित शाह से मिलकर अपने इलाके में अवैध नशीले पदार्थों के कारोबार के खिलाफ पुलिस की कथित नाकामी पर बात करना पसंद करेंगे. इरफान का मानना है कि राजनीतिक विचारधारा चाहे जो भी हो, हर सरकार को नागरिकों के प्रति जवाबदेह होना चाहिए.
---विज्ञापन---