जब तक दुल्हन 7 फेरे पूरे न करे, तब तक वह पत्नी होगी या नहीं...पढ़ें हाईकोर्ट की विशेष टिप्पणी

Hindu Marriage Validation

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High Court Judgement Over Hindu Marriage Validation: जब तक पूरे न हों फेरे सात, तब तक दुल्हन पत्नी कहलाएगी या नहीं, इस पर देश की एक हाईकोर्ट ने विशेष टिप्पणी की है। हाईकोर्ट ने हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 7 का प्रावधान बताते हुए कहा कि हिन्दू धर्म के लड़का-लड़की जब तक सात फेरे पूरे नहीं कर लेगें, तब तक वे पति-पत्नी नहीं कहलाएंगे। सात फेरे पूरे होने के बाद ही शादी वैध मानी जाएगी।

अग्नि के चारों तरफ फेरे लेना अनिवार्य

उत्तर प्रदेश की इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक केस में फैसला सुनाते हुए ऐतिहासिक टिप्पणी की। जस्टिस संजय कुमार सिंह ने कहा कि हिन्दू विवाह के लिए सप्तपदी कार्यक्रम अनिवार्य है। पवित्र अग्नि के चारों तरफ दूल्हा-दुल्हन का सात फेरे लेना आवश्यक है। हाइकोर्ट ने मिर्जापुर की स्‍मृति सिंह की याचिका पर सुनवाई की और स्‍मृति के खिलाफ दर्ज शिकायत को रद्द कर दिया।

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41 साल पुराने गाने का उदाहरण दिया

जस्टिस संजय सिंह ने 41 साल पहले बनी सुपरहिट फिल्‍म ‘नदिया के पार’ का जिक्र किया। इसका एक गाना बहुत मशहूर हुआ था, जिसके बोल थे- ‘जब तक पूरे न हों फेरे सात, तब तक दुलहिन नहीं दुलहा की, रे तब तक बबुनी नहीं बबुवा की, न जब तक पूरे न हों फेरे सात। इसका उदाहरण देते हुए एक महत्‍वपूर्ण केस में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुनाया।

निचली अदालत ने यह फैसला दिया था

बता दें कि 2017 में स्मृति सिंह और सत्यम सिंह की शादी हुई थी, लेकिन दोनों साथ नहीं रह पाए। स्‍मृति मायके में रहने लगी। पति और ससुरालियों के खिलाफ उसने दहेज उत्‍पीड़न का केस कराया। स्‍मृति ने भरण पोषण के लिए याचिका लगाई। मिर्जापुर फैमिली कोर्ट ने 11 जनवरी 2021 को सत्‍यम सिंह को हर महीने 4 हजार स्मृति को देने का आदेश सुनाया।

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पति ने दूसरी शादी का आरोप लगाया

फैसले के अनुसार, यह पैसा स्‍मृति को तब तक दिया जाना था, जब तक वह दूसरी शादी नहीं कर लेती। सत्‍यम ने स्मृति पर तलाक लिए बिना दूसरी शादी करने का आरोप लगाया। साथ ही वाराणसी जिला अदालत में परिवाद दाखिल किया। 20 सितंबर 2021 को निचली अदालत ने 21 अप्रैल 2022 को स्‍मृति सिंह को समन जारी करके पेश होने का आदेश दिया।

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आदेश के खिलाफ स्मृति ने हाईकोर्ट का रूख किया और जज ने स्मृति के पक्ष में फैसला सुनाते हुए विशेष टिप्पणी की।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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