---विज्ञापन---

देश

भारत सरकार ने बदला केंद्रीय सचिवालय का नाम, अब ‘कर्तव्य भवन’ से होगी पहचान

भारत सरकार द्वारा केंद्रीय सचिवालय का नाम भी बदल दिया गया है. मिली जानकारी के अनुसार, अब केंद्रीय सचिवालय का नाम 'कर्तव्य भवन' होगा. इसके साथ ही केंद्र सरकार ने देशभर में राज भवनों का नाम बदल कर लोक भवन करने का एलान किया है. इसके पहले दिल्ली में राजपथ का नाम बदलकर कर्तव्य पथ कर दिया गया था.

Author Written By: Versha Singh Updated: Dec 2, 2025 19:33

भारत सरकार द्वारा केंद्रीय सचिवालय का नाम भी बदल दिया गया है. मिली जानकारी के अनुसार, अब केंद्रीय सचिवालय का नाम ‘कर्तव्य भवन’ होगा. इसके साथ ही केंद्र सरकार ने देशभर में राज भवनों का नाम बदल कर लोक भवन करने का एलान किया है. इसके पहले दिल्ली में राजपथ का नाम बदलकर कर्तव्य पथ कर दिया गया था.

मिली जानकारी के अनुसार, सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत केंद्रीय सचिवायल के नए परिसरों का नाम कर्तव्य भवना रखा गया है. वहीं, प्रधानमंत्री के नए आवास और कार्यालय परिसर का निर्माण राष्ट्रपति भवन के पास किया जा रहा है.

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें- सेवातीर्थ के नाम से जाना जाएगा नया PMO परिसर, केंद्र सरकार का बड़ा ऐलान

क्यों बदला गया नाम?

राजभवन में ‘राज’ शब्द का अर्थ ‘शासन’ या ‘रूल’ से ले सकते हैं. सरकार का कहना है कि इस नाम में ही औपनिवेशिक मानसिकता झलकती है. ऐसे में राजभवनों को जनता के और करीब लाने के लिए यह फैसला लिया गया है. नए नाम ‘लोकभवन’ का अर्थ देखें तो इसमें ‘लोक’ का अर्थ जनता/लोग से ले सकते हैं. पुराने नाम के विपरित नया नाम भारतीय लोकतंत्र के मूल दर्शन को दर्शाता है. ‘लोक भवन’ नाम चुनने से एक सीधा मैसेज जाता है कि सरकार अब राजा या गवर्नर नहीं, बल्कि आम जनता है. अब यह इमारतें अभेद्य किले नहीं, बल्कि वह जगह है, जहां ‘लोक’ यानी आमजन के लिए फैसले लिए जाते हैं. इस फैसले के पीछे सरकार की वह कोशिश दिखी है, कि जनता-केंद्रित शासन को लागू किया जाए. और सदियों पुरानी शाही और औपनिवेशिक विरासत को धीरे-धीरे खत्म किया जाए.

वहीं, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 25 नवंबर 2025 को सभी राज्यों को ‘राजभवन’ का नाम बदलकर ‘लोकभवन’ करने का निर्देश दिया था. सभी राज्यों में गृह मंत्रालय के इस निर्देश को लागू राज्यपाल ही कर रहे हैं. नाम बदलने की शुरुआत सबसे पहले पश्चिम बंगाल से हुई. 29 नवंबर को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने इस निर्देश को सबसे पहले लागू किया था. इसके बाद एक-एक करके सभी राज्यों में इसे लागू किया गया.

---विज्ञापन---
First published on: Dec 02, 2025 04:39 PM

संबंधित खबरें

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.