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‘भगवान का शुक्र है बस खाई में गिर गई वरना…’ रियासी आतंकी हमले में पीड़ित शख्स ने सुनाई आंखों देखी दास्तां

Reasi Terrorist Attack Jammu Kashmir: रविवार की रात को जम्मू कश्मीर में हुआ रियासी आतंकी हमला काफी दर्दनाक था। इस हादसे में 9 लोगों को जान से हाथ धोना पड़ गया और 33 से अधिक लोग घायल हुए थे। बस में मौजूद एक शख्स ने उस शाम का खौफनाक मंजर बयां किया है।

Reasi Terrorist Attack Jammu Kashmir: जम्मू कश्मीर के रियासी में रविवार को खौफनाक आतंकी हमला देखने को मिला था। 9 जून की शाम को आतंकियों ने शिवखोड़ी जा रही श्रद्धालुओं की बस को निशाना बनाया था। बस पर लगातार फायरिंग करने से ड्राइवर को गोली लग गई और बस नीचे खाई में जा गिरी। हालांकि अगर बस खाई में ना गिरती तो मृतकों की संख्या कहीं ज्यादा हो सकती थी…ये कहना है बस में मौजूद प्रदीप कुमार का।

आतंकी सबको मार देते

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उत्तर प्रदेश के मेरठ में रहने वाले 38 साल के प्रदीप कुमार वैष्णों देवी दर्शन करने गए थे। जिसके बाद वो शिवखोड़ी की बस में सवार हुए। इसी बस पर आतंकियों ने हमला बोला था। ऐसे में प्रदीप ने उस शाम का आंखों देखा हाल बयां किया है। प्रदीप का कहना है कि भगवान का लाख-लाख शुक्र है जो बस खाई में गिर गई। वरना आतंकी एक-एक करके हम सबकी जान ले लेते।

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सेना की वर्दी में आए थे आतंकी

प्रदीप ने उस दिन को याद करते हुए कहा कि आतंकियों ने सेना की वर्दी पहन रखी थी। वो अचानक से बस के सामने आए और लगातार फायरिंग करना शुरू कर दिया। इससे पहले की कोई कुछ समझ पाता, उनमें से एक गोली ड्राइवर को लगी और बस कंट्रोल से बाहर हो गई। तभी बस खाई में जा गिरी और हम सभी बस में मौजूद थे।

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आतंकियों ने जारी रखी फायरिंग

प्रदीप का कहना है कि बस खाई में गिरने के बावजूद आतंकी नहीं रुके और उन्होंने बस पर फायरिंग जारी रखी। हालांकि जब बस में मौजूद सभी यात्रियों ने चिल्लाना बंद किया तो फायरिंग अपने आप रुक गई। शायद आतंकियों को लगा कि सभी मर गए। इसलिए वो वहां से फौरन फरार हो गए।

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नींद के आगोश में थे कई यात्री

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प्रदीप के अनुसार बस पर लगभग शाम 6 बजे के आस-पास आतंकी हमला हुआ था। बस शिवखोड़ी मंदिर जा रही थी और वैष्णों देवी की चढ़ाई करने के कारण सभी यात्री काफी थके हुए थे। बस में मौजूद कई यात्री तो सो रहे थे। मेरी भी आंख लग गई थी। हालांकि जब बस पर हमला हुआ और सभी यात्री चिल्लाने लगे। मुझे गोली लगने की परवाह नहीं थी लेकिन मैं अपने परिवार और तीन मासूम बच्चों के बारे में सोच रहा था।

भारतीय सेना ने किया रेस्क्यू

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कुछ यात्रियों ने पुलिस को मामले की सूचना दी और भारतीय सेना तुरंत मौके पर पहुंच गई। उन्होंने हम सभी को खाई से बाहर निकाला और हम पूरी तरह से सुरक्षित हैं। बता दें कि इस घटना में 9 लोगों की मौत हो गई और 33 से अधिक लोग घायल हैं।

First published on: Jun 11, 2024 03:57 PM

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