राघव चड्ढा के समर्थन में उतरीं प्रियंका चतुर्वेदी, बोलीं- 'बहुमत का मतलब विपक्ष की आवाज दबाना नहीं'
Edited By Bhola Sharma

Priyanka Chaturvedi
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Priyanka Chaturvedi
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद संजय सिंह और राघव चड्ढा के निलंबन को ‘अलोकतांत्रिक’ बताते हुए शिवसेना (UBT) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने शुक्रवार को केंद्र पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सिर्फ इसलिए कि भाजपा के पास संसद में बहुमत है इसका मतलब यह नहीं है कि वे विपक्ष की आवाज को दबा सकते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि सदन के वेल में जाना एक परंपरा है, पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली कहते थे कि व्यवधान लोकतंत्र का हिस्सा है।
सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि यह इतना अलोकतांत्रिक निर्णय है कि क्या कहा जाए। संजय सिंह की गलती क्या थी? सदन के वेल में जाना एक परंपरा है। अरुण जेटली कहते थे कि यह लोकतंत्र का हिस्सा है, व्यवधान लोकतंत्र का हिस्सा है। क्या राघव चड्ढा ने गलत किया? उन्होंने नियम पुस्तिका भी दिखाई। यह दुर्भाग्यपूर्ण और अलोकतांत्रिक है। सिर्फ इसलिए कि आपको संसद में बहुमत प्राप्त है, इसका मतलब यह नहीं है कि आप विपक्ष की आवाज दबा दें।
https://twitter.com/raghav_chadha/status/1689988199114821633?s=20
AAP सांसद राघव चड्ढा को’विशेषाधिकार हनन’ के आरोप में शुक्रवार को राज्यसभा से निलंबित कर दिया गया।
यह कदम चार सांसदों की शिकायत के बाद आया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि उन्होंने उनकी सहमति के बिना उन्हें हाउस पैनल में नामित किया है।
राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने चड्ढा के निलंबन की घोषणा करते हुए कहा कि मैं राघव चड्ढा को परिषद की सेवा से तब तक निलंबित करता हूं। जब तक परिषद को विशेषाधिकार समिति की रिपोर्ट नहीं मिल जाती राघव चड्ढा निलंबित रहेंगे।
उनका निलंबन सदन के नेता पीयूष गोयल द्वारा पेश किए गए एक प्रस्ताव के बाद हुआ। जिसमें राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (संशोधन) के लिए प्रस्तावित चयन समिति में उनकी सहमति के बिना उच्च सदन के कुछ सदस्यों के नाम शामिल करने के लिए आप नेता के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी।
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