PM Modi Speech Highlights: दिल्ली के भारत मंडपम में AI इम्पैक्ट समिट का आज औपचारिक उद्घाटन हुआ। प्रधानमंत्री मोदी ने फ्रांस, ब्राजील और एस्टोनिया के राष्ट्रपति सहित अन्य विश्व नेताओं का शानदार स्वागत किया। उद्घाटन के बाद समिट को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी, राष्ट्रपति मैक्रों, UN सचिव गुटेरस, गूगल CEO सुंदर पिचाई समेत कई दिग्गजों ने AI के भविष्य पर चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने AI में भारत के भविष्य को उज्ज्वल बताया।
Today at the New Delhi AI Summit, I present a MANAV Vision for AI.
MANAV means human. In MANAV,
* M stands for moral and ethical systems.
* A stands for accountable governance.
* N stands for national sovereignty.
* A stands for accessible and inclusive.
* V stands for valid… pic.twitter.com/aegbDeZzgS---विज्ञापन---— BJP (@BJP4India) February 19, 2026
आइए पढ़ते हैं समिट में प्रधानमंत्री मोदी के संबोधित की खास बातें…
1. प्रधानमंत्री मोदी ने समिट को संबोधित करते हुए कहा कि आज पूरा विश्व एक ऐसे युग में एंट्री कर रहा है, जहां इंसान और AI मिलकर विकास की नींव रखेंगे। भारत को AI में उज्ज्वल भविष्य दिखाई देता है। समिट में 3 भारतीय कंपनियों ने अपने AI मॉडल और ऐप लॉन्च किए हैं। मैं सभी को भारत आकर AI मॉडल डिजाइन करके उन्होंने पूरी दुनिया को और मानवता को सौंपने के लिए आमंत्रित करता हूं।
2. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जिस तरह इंटरनेट ने लोगों के लिए असख्यं नौकरियां पैदा की। उसी तरह AI भी लोगों के लिए नौकरियों का सोर्स बनेगा, लेकिन अभी यह कल्पना करना काफी मुश्किल है कि भविष्य में AI सेक्टर में किस तरह की नौकरियां पैदा होंगी? AI का इस्तेमाल करते हुए बच्चों की सुरक्षा को लेकर ज्यादा सतर्क रहना होगा। AI को बच्चों के लिए सुरक्षित जोन बनाकर विकसित किया जाना चाहिए।
3. समिट में प्रधानमंत्री मोदी ने ‘MANAV’ विजन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि मानव का अर्थ है मानवीय, यानी AI को मानवीय बनना होगा। MANAV में M यानी मोरल और पॉलिसी सिस्टम, जिसके तहत AI को इंसान का मार्गदर्शन करने वाला होना चाहिए। AI के इस्तेमाल और डेवलपमेंट को लेकर पॉलिसी बनानी होगी।
भारत AI को किस दृष्टि से देखता है, उसका स्पष्ट प्रतिबिंब इस summit की theme में है – सर्वजन हिताय – सर्वजन सुखाय।
— BJP (@BJP4India) February 19, 2026
यही हमारा benchmark है।
AI के लिए इंसान सिर्फ data point न बन जाए, इंसान सिर्फ raw material तक सीमित न रह जाए।
इसलिए AI को democratise करना होगा।
इसे Inclusion और… pic.twitter.com/aYGH6vUiwo
4. MANAV का एक यानी अकाउंटेबिलिटी, यानी AI के लिए नियम बनाकर इसकी निगरानी करनी होगी। N यानी राष्ट्रीय संप्रभुता बनी रहनी चाहिए। AI में जिसका डेटा फीड होगा, उस पर अधिकार भी उसी का होगा। A यानी एक्ससे, यानी AI पर किसी का एकाधिकार नहीं होना चाहिए। इस तक हर किसी की पहुंच होनी चाहिए।
5. MANAV का V यानी वैलिडिटी, यानी AI कानूनी रूप से वैलिड और सत्यापित होना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी ने समिट में कहा कि भारत का यह मानव विजन 21वीं सदी की AI बेस्ड दुनिया में मानवता के कल्याण के लिए अहम कड़ी बन सकता है। आज सभी को मिलकर AI को दुनिया की भलाई के विकसित करने का संकल्प लेना चाहिए।
6. प्रधानमंत्री मोदी ने समिट में कहा कि कहा कि AI के लिए वैश्विक मानक स्थापित करना बेहद जरूरी है। डीपफेक कंटेट का मिसयूज बढ़ गया है। इसलिए डिजिटल वर्ल्ड में कंटेट पर सर्टिफिकेशन का लेबल होना चाहिए, ताकि लोगों को पता चले कि कंटेट रियल है या AI से क्रिएट किया गया है। वॉटरमार्किंग और सोर्स की जरूरत बढ़ती जाएगी।
7. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि AI का लोकतंत्रीकरण करके इसे सशक्तिकरण का जरिया बनाना होगा। GPS की तरह AI की कमान भी अपने हाथों में रखनी होगी। GPS हमें रास्ता दिखाता है, लेकिन हमें किस दिशा में जाना है, इसका अंतिम फैसला हमारा होता है। उसी तरह आज हम AI को जिस दिशा में ले जाएंगे, वही हमारा भविष्य निर्धारित करेगा।










