Sunday, September 25, 2022
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PM Modi Birthday: वर्ष 2001 था टर्निंग प्वाइंट, जानें पीएम मोदी का चायवाले से पीएम तक का सफर

वर्ष 2001 में गुजरात में आए विनाशकारी भूकंप की वजह से 20 हजार लोग मारे गए थे। इस दौरान राजनीतिक दबाव के चलते तत्कालीन मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल को इस्तीफा देना पड़ा।

अमित कसाना, नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का 17 सितंबर को जन्मदिन है। वह 72 साल के होने वाले हैं। उनका जन्म गुजरात के महेसाणा जिले में स्थित वडनगर में 1950 को हुआ था। पीएम मोदी के जीवन पर नजर डालें तो यह संघर्षों से भरा रहा है। बचपन में वह चाय बेचने का काम करते थे। एक चायवाले से किस तरह उन्होंने पीएम पद का सफर तय किया आइए जानिए उनके बारे में।

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पिता पर स्टेशन पर दुकान थी
पीएम मोदी के पिता का नाम दामोदरदास था। उनकी स्टेशन के बाहर एक चाय की दुकान थी। पीएम भी बचपन में पढ़ाई से उन्हें जो समय मिलता उसमें दुकान पर पिता का हाथ बटांने पहुंच जाते थे। उनकी मां का नाम हीराबेन है। वह उन्हें बचपन में प्यार से नरिया बुलाती थी। पीएम मोदी छह भाई-बहन हैं। वह खुद तीसरे नंबर पर आते हैं।

कच्चे घर में रहते थे
जानकारी के मुताबिक पीएम मोदी का बचपन बेहद संघर्षों में बीता। वह परिवार समेत छोटे से कमरे वाले घर में रहते थे। घर की दीवारें मिट्टी की थी और छत खपरैल का बना हुआ था।

राजनीति विज्ञान में एमए

पीएम मोदी ने गुजरात बोर्ड से 1967 में हाईस्कूल पास किया था। 1978 में दिल्ली यूनिवर्सिटी से बीए किया। इसके बाद वर्ष 1983 में राजनीति विज्ञान में एमए किया। एमए में उनके पास यूरोपियन पॉलिटिक्स, इंडियन पॉलिटिक्स एनालिसिस और साइकलॉजी ऑफ पॉलिटिक्स आदि विषय थे।

1958 में आरएसएस से जुडे़
पीएम मोदी का बचपन से ही आरएसएस की तरफ जुड़ाव था। वर्ष1958 में उन्होंने स्वयंसेवक की शपथ ली। कई वर्ष लगातार वह आरएसएस की शाखाओं में जाते और उससे जुड़े रहे। इसके बाद वर्ष 1974 में वह नव निर्माण आंदोलन में शामिल हुए। कई सालों तक वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक रहे। इसके बाद जाकर उन्होंने वर्ष 1987 में बीजेपी ज्वाइन की थी

बीजेपी ने यह जिम्मेदारी दी
1988-89 में उन्हें भारतीय जनता पार्टी की गुजरात ईकाई का महासचिव बनाया गया। लाल कृष्ण आडवाणी की 1990 की सोमनाथ-अयोध्या रथ यात्रा के आयोजन में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी। 1995 में भारतीय जनता पार्टी का राष्ट्रीय सचिव और पांच राज्यों का पार्टी प्रभारी भी बनाया गया। 1998 में उन्हें महासचिव (संगठन) बनाया गया।

 

2001 रहा टर्निंग प्वाइंट
वर्ष 2001 में गुजरात में आए विनाशकारी भूकंप की वजह से 20 हजार लोग मारे गए थे। इस दौरान राजनीतिक दबाव के चलते तत्कालीन मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल को इस्तीफा देना पड़ा। यह नरेंद्र मोदी के लिए टर्निं प्वाइंट रहा। उन्हें गुजरात को सीएम बनाया गया। 2012 में बीजेपी में मोदी का कद काफी बड़ा गया। पार्टी में उन्हें देश के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में देखे जाने लगा।

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2014 में पहली बार प्रधानमंत्री बने
वर्ष 2013 में वह बीजेपी और एनडीए ने के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बने। 2014 में उकने नेतृत्व में बीजेपी ने लोकसभा चुनाव लड़ा और बड़ी जीत हासिल की। मई, 2014 में वो देश के 14वें प्रधानमंत्री बने। 2019 में उन्हें पीएम चुना गया।

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