Nagpur Metro: नागपुर मेट्रो के नाम गिनीज बुक में दर्ज हो गया है, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और महाराष्ट्र मेट्रो ने नागपुर में 3.14 किलोमीटर की लंबाई के साथ सबसे लंबे डबल-डेकर वायडक्ट के निर्माण का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज किया है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने खुद यह जानकारी दी है।
नागपुर मेट्रो को यह बड़ी उपलब्धि मिलने पर केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भी ट्वीट करके मेट्रो रेल के लिए बधाई दी है। बता दें कि डबल डेकर वायडक्ट पर निर्मित अधिकतम मेट्रो स्टेशनों को एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा मान्यता प्राप्त है, नागपुर मेट्रो का यह काम हाईवे फ्लाईओवर और मेट्रो रेल के साथ सबसे लंबा वायडक्ट सिंगल कॉलम पियर्स पर समर्थित है।
नागपुर मेट्रो के एमडी ने लिया प्रमाण पत्र
महाराष्ट्र मेट्रो के एमडी बृजेश दीक्षित नागपुर मेट्रो भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के न्यायाधीश और निर्णायक ऋषि नाथ से इस उपलब्धि का प्रमाण पत्र लिया। बता दें कि डबल डेकर वायडक्ट को पहले ही एशिया और भारत में सबसे लंबी संरचना के रूप में प्रमाणित किया जा चुका है, जबकि अब यह उपलब्धि गिनीज बुक में भी दर्ज हो गई है। इस दौरान उन्होंने कहा कि वर्धा रोड पर परियोजना को क्रियान्वित करना एक बड़ी चुनौती थी, यह त्रि-स्तरीय संरचना का हिस्सा है, जिसके ऊपर मेट्रो रेल, बीच में हाईवे फ्लाईओवर और जमीनी स्तर पर मौजूदा सड़क है।
क्या है ‘डबल डेकर वायाडक्ट’ की खासियत
बता दें कि नागपुर में वर्धा रोड पर बने 3.14 किलोमीटर लंबे डबल डेकर वायाडक्ट में कुल तीन मेट्रो स्टेशन हैं, जिनके नाम छत्रपति नगर, उज्जवल नगर और जयप्रकाश नगर हैं। इन स्टेशनों की इंजीनियरिंग विचार प्रक्रिया, अवधारणा, डिजाइन और क्रियान्वयन किसी चुनौती से कम नहीं था। जब इस परियोजना पर काम शुरू हुआ था तब हाईवे फ्लाईओवर और मेट्रो रेल का संरेखण वर्धा रोड पर एक ही मौजूदा हाईवे पर था। जिसमें माध्यिका पर प्रस्तावित वैकल्पिक स्थानों पर स्वतंत्र पियर थे, लेकिन बाद में इसकी समीक्षा की गई और डबल डेकर वायाडक्ट बनाने के लिए राजमार्ग फ्लाईओवर और मेट्रो रेल को एकीकृत करने का निर्णय लिया गया जो सफलतम पूरा हो चुका है।
बता दें कि डबल डेकर वायडक्ट पहले लेवल पर हाईवे का फ्लाईओवर होता है, जिस पर से वाहन गुजरते हैं, फिर इसी फ्लाईओवर के पिलर के सहारे मेट्रो की लाइन होती है, जिससे मेट्रो गुजरती है, जबकि सबसे नीचे हाईवे होता है। जिससे यह त्रिस्तरीय प्रणाली बनती है और शहरों में ट्रैफिक की समस्या को बहुत हद तक कम करने में मदद करती है, जबकि इससे जमीन भी बचती है। नागपुर में 3 किलोमीटर से लंबा यह प्रोजेक्ट बनकर तैयार हो गया है, जो इंजीनियरिंग का बड़ा उदाहरण है।
बता दें कि यह प्रोजेक्ट 5 मार्च 2019 में शुरू हुआ था, जो 13 नवंबर 2020 को राजमार्ग यातायात के लिए खोल दिया गया। यह अब तक किसी भी मेट्रो रेल प्रणाली पर सबसे लंबा डबल डेकर वायाडक्ट बन गया है। जिसे गिनीज बुक में भी शामिल कर लिया गया है।
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